सूरत. टमाटरों की ‘भजिया’ गुजरात में सबसे प्रसिद्ध बकरी बस्ती में से एक है, क्योंकि इसमें टमाटरों के टुकड़े और खाने का स्वाद पूरी तरह से शामिल होता है। डुमस बीच से लेकर देश के कोने-कोने तक फैली हुई सब्जियां और कुरकुरे पकौड़े अब भारतीय घरों के लिए लक्जरी बन गए हैं, जहां लोगों ने इसके विकल्प के बारे में विस्तार करना शुरू कर दिया है। लेकिन टमाटर के पकौड़े की कोई जगह नहीं ले सकता.
पिछले कुछ महीनों में टमाटर के अपस्ट्रीम ग्रोथ ने कमोडिटी के उप-उत्पादों को बहुत महंगा कर दिया है। मुंबई और अन्य होटलों के साथ रिटेल में टमाटर की कीमत 150-200 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। व्यवसाय घर चलाने वाले लोगों की जेब को नुकसान पहुंचता है, जिससे उनके बजट पर वित्तीय दबाव डाला जाता है।
इंटरनेट पर एकत्रित हो रहे वीडियो
इस बीच एक वीडियो इंटरनेट पर बिक रहा है। इसमें गुजरात के सूरत में रोड किनारे एक स्टॉल दिखाया गया है जहां से रोजाना 200 टोकरे की दुकानें निकलती हैं। ऊपर से ‘टमाटर भजिया’ के लिए 400 रुपये प्रति किलो चुकाने वाली फिल्में हैं। यह क्या है? ‘फ़ूडी_इंकारनेट’ (फूडी_इन्कार्नेट)’ नाम के एक खाद्य ब्लॉगर ने ‘टमाटर भजिया’ की समीक्षा की और इसमें इंटरनेट पर ढेर सारी सारिआना देखने को मिलीं। जहां लोगों ने बताया कि कैसे टमाटर में कुछ सामग्री मिलाने से यह और भी महंगा हो गया- 200 रुपये से 400 प्रति किलो तक.
लोगों की प्रतिक्रिया पर ‘टमाटर भजिया’
अब तक इस वीडियो को लाखों उपभोक्ता देख चुके हैं, कमेंट बॉक्स में कई शौकीन भी आए हैं. एक फोटोग्राफर ने मजाक करते हुए लिखा, ‘टमाटर को कोट पैंट पहनाया और 200 रुपये से 400 रुपये हो गए।’ वहीं कुछ उपभोक्ता ने दावा किया कि यह जिला उत्तर प्रदेश के बाजारों में भी मशहूर है। उपभोक्ता ने लिखा, ‘ये टमाटर के पकौड़े तो युवाओं में भी बने हैं। एक अन्य ने कहा, ‘ये गुजरात है यहां सब हो सकते हैं।’
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पहले प्रकाशित : 19 अगस्त, 2023, 05:00 IST
