ओपीपी/सोपानकोरबा. फ्रेंड्स का फेस्टिवल तो खत्म हो गया, लेकिन इसे लेकर अब सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म है। कुछ लोगों ने सोशल साइट्स पर यह अफवाह उड़ाई कि भद्रा काल में जिन कारीगरों ने राखी बंधवाई है, उनकी मौत हो जाएगी या फिर उन्हें गंभीर बीमारी की शिकायत हो जाएगी। हालाँकि, पंडितों ने इस अफवाह को खारिज करते हुए कहा था कि अशुभ मूर्ति में राख के चित्र से ऐसा कुछ नहीं हुआ।
शुभ उत्सव नहीं होने के कारण इस बार रक्षाबंधन का पर्व दो दिन मनाया गया। वैसे तो 30 अगस्त को राखी का पर्व मनाया जाता था, लेकिन रात 9 बजे तक भद्रा काल होने के कारण अधिकांश लोगों ने 31 अगस्त को यह पर्व मनाया। वहीं कुछ लोगों ने भद्रा काल में राखी का त्योहार मनाने के लिए जबरन वशीकरण या किन्हीं अन्य अपीलें कीं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया, जिससे लोगों में भय की स्थिति बन गई।
इतना बुरा नहीं होता असर
कुछ लोगों का कहना था कि मनहूस काल में राखी बांधने वाले कारखाने से मजदूर या तो मर जाएंगे या फिर वे किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाएंगे। इस संबंध में कोरबा के पं. आयुर्वेदा ने बताया कि वैसे तो भद्रा काल में कोई काम नहीं करना चाहिए। हालाँकि, किसी से भी ऐसा काम हुआ तो उसका इतना बुरा असर नहीं हुआ।
अफवाहों पर ध्यान न दें
आगे बताया गया कि हिंदू धर्म में शुभ पूजन का काफी महत्व है। लोग कोई भी कार्य शुभ अवसर में ही करना पसंद करते हैं। हालाँकि, कई बार इलेक्ट्रानिक एक्शन का निर्माण किया जाता है, जिसके कारण अशुभ कलाकारों में कार्य करने की आवश्यकता होती है, जिसके बुरे परिणाम भी सामने आते हैं। हालाँकि, कई बार कलाकारों को लेकर अफवाहें भी फैली हुई होती हैं, जिससे लोग डर जाते हैं। ऐसा ही कुछ रक्षाबंधन को लेकर भी हुआ, लेकिन ऐसे अफवाहों से डरने की जरूरत नहीं.
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पहले प्रकाशित : 02 सितंबर, 2023, 15:27 IST
