सौरभ तिवारी/बिलासपुर. श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे देश में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन को भगवान श्री कृष्ण के जन्म के रूप में मनाया जाता है। जन्माष्टमी को भारत में ही नहीं बल्कि दार्शनिकों में भी पूर्व भारतीय पूर्ण आस्था और उल्लास ने इसे बनाया है। इस बार जन्माष्टमी का पर्व 6-7 सितम्बर को है। महोत्सव को लेकर छत्तीसगढ़ के कृष्ण चित्रकला में अभी से तैयारी शुरू हो गई है।
रायपुर के इस्कॉन मंदिर और समता कॉलोनी के राधा कृष्ण मंदिर, भिलाई का अक्षय पात्र मंदिर, बिलासपुर का खाटूश्याम और वेंकटेश मंदिर, छत्तीसगढ़ के कृष्ण भगवान के ऐसे मंदिर हैं, जहां जन्माष्टमी के दिन बड़ी धूमधाम से कृष्ण भगवान की पूजा की जाती है।
ये कृष्ण मंदिर हैं प्रसिद्ध
राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। जन्माष्टमी के लिए इस्कॉन मंदिर में भव्य सामान बनाया जाता है। राधा कृष्ण के लिए पोशाक और आभूषण विश्विद्यालय और मुंबई से मंगाए गए हैं। जन्माष्टमी में यहां बाल महोत्सव शौकिया पोशाक प्रतियोगिता एवं भव्य नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। साथ ही मंगल आरती, तुलसी आरती, दर्शन दर्शन, धूप अगरबत्ती, भजन संध्या, संध्या आरती का आयोजन किया जाएगा। हर साल रायपुर इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के दर्शन दिवस सिर्फ छत्तीसगढ़ी ही नहीं बल्कि विदेश से दर्शन के लिए भी यहां कृष्ण भगवान के दर्शन होते हैं।
रायपुर राधा कृष्ण मंदिर
रायपुर के समता कॉलोनी में स्थित राधाकृष्ण मंदिर में हर साल जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। समता कॉलोनी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में साज सजावट के लिए विशेष रूप से कोलकाता के कलाकारों को बुलाया जाता है। सबसे बड़े मंदिर में से एक है समता कॉलोनी का राधा कृष्ण मंदिर। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन यहां सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहता है।
भिलाई अक्षयपात्र मंदिर
छत्तीसगढ़ के भिलाई में स्थित अक्षयपात्र मंदिर, छत्तीसगढ़ में कृष्ण भगवान की सबसे बड़ी मूर्तियों में से एक है। हर साल यहां कृष्ण बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। अक्षयपात्र मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण के 108 प्रकार के देवताओं का भोग भी लगाया जाता है। हर साल अक्षय पात्र मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं।
बिलासपुर खाटूश्याम मंदिर
इस बार कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर खाटूश्याम मंदिर में विशेष सजावट की जा रही है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन प्रदेश के सभी बड़े कृष्ण मंदिर महल में मोरोना के समान रहता है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए सुबह-सुबह ही लोगों का तांता लग जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन जापानी में भजन कीर्तन शुरू हो जाता है। जिसके बाद शाम के समय मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
बिलासपुर वेंकटेश मंदिर
हर साल बिलासपुर के वेंकटेश मंदिर में कृष्ण भगवान का जन्म उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन यहां सुबह से ही भजन कीर्तन शुरू हो जाते हैं। यहां बड़ी ही धूमधाम से शाम को आरती की जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण के मनमोहक रूप के दर्शन करने के लिए यहां दूसरे राज्यों से भी आते हैं।
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पहले प्रकाशित : 03 सितंबर, 2023, 11:50 IST
