उत्तर
बारिश के कारण काठमांडू घाटी में बागमती नदी ने आरामदेह को-कार्बन का निर्माण किया
लगभग 40 लाख लोगों की आबादी वाले क्षेत्र में आई बाढ़ है
भूसखलन और बाढ़ के बाद से अब तक करीब 33 लोगों के लापता होने की जानकारी
काठमांडू. इस वर्ष देश और दुनिया के शहरों में भारी बारिश, बाढ़, भू-जलन, कोयला और प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। समकालीन लेकर दुनिया के मित्र देश मोनसुनी आफत से संबंधित हैं। नेपाल (Nepal) में मॉनसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन (Landslides) ने भारी तबाही मचाई है. इस आफत में अब तक करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। इस सप्ताह भारी बारिश और मलबे की वजह से एक चट्टान की मौत हो गई और एक प्रमुख राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि वार्षिक मानसूनी बारिश से मरने वालों की संख्या 40 के करीब पहुंच गई है।
हिमाचली राष्ट्र में जून से सितंबर तक होने वाली बारिश मानसून के कारण हर साल सैकड़ों लोगों की मौत हो जाती है और कई लोग लापता हो जाते हैं अतः और खून आता है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी माने आचार्य ने कहा कि इस साल 38 लोगों की नश्वर हो गया है और कम से कम 33 लोग लापता हैं। उन्होंने बताया कि बचाव कर्मी अन्य 6 लोगों की भी तलाश कर रहे हैं जो काठमांडू के पास एक गांव में इल्जाम के बाद अपना घर जाने के बाद लापता हो गए हैं।
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पुलिस ने बताया कि इलिनोइस के कारण राजधानी दक्षिणी मैदानी क्षेत्र से जुड़ने वाला एक प्रमुख राजमार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। बारिश के कारण काठमांडू घाटी में बागमती नदी भी अपनी आबादी को तोड़ रही है, जिससे उस क्षेत्र के कई विचारधाराओं में बाढ़ आ गई है, जहां करीब 40 लाख लोगों की आबादी निवास करती है।
इस बीच देखा जाए तो बेकार टीवी चैनलों की ओर से द खीखाया जा रहा है कि फ्लोरिडा में घुसे पानी को किस तरह से लोग अपने घर से बाहर ना खीकाल रहे हैं। अधिकारियों ने पूर्वी सिंधुली नदी के पास बसे लोगों को वहां से पानी उगाने की सलाह दी है।
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टैग: बाढ़, भारी वर्षा, नेपाल समाचार
पहले प्रकाशित : 09 अगस्त, 2023, 10:22 IST
