सौरभ तिवारी/अंबिकापुर.पुनर्वास के बाद भी अंबिकापुर में एक महिला गर्भवती हो गई। उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया. इस मामले को लेकर महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। केस की सुनवाई करते हुए अंबिकापुर सरगुजा के फ़्लोरल लोक अदालत ने मैसाचुसेट्स साइड खण्ड चिकित्सा अधिकारी, स्कूल स्वास्थ्य केंद्र वाड्रफनगर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल पर 23 लाख का अर्थदंड लगाया है।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सनातन धर्म पर शांति देवी ने बेटी को जन्म दिया है। जिससे महिला को बेटी के लालन-पालन, पालन-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और विवाह सहित भविष्य के अन्य खर्चों में 20 लाख का औसत विज्ञापन ऑर्डर किया गया है।
50 लाख की थी लागत
पीड़ित महिला के अनुसार 12 अक्टूबर 2020 को उन्होंने प्राइमरी हेल्थ सेंटर मुरकौल वाड्रफनगर में एक बेटी को जन्म दिया। पुनर्वास के बाद भी बेटी के जन्म को लेकर महिला ने स्थानीय लोक अदालत का दरवाजा खटखटाया, जहां शारीरिक, मानसिक, आर्थिक परेशानी और भविष्य के खर्च को देखते हुए 50 लाख डॉलर के सामान की मांग की गई, जिसे अदालत में पेश किया गया। शांति देवी ने अदालत को बताया कि कुछ दिनों के बाद उन्हें अपवित्रता का पता चला, तो उन्होंने तुरंत वकील के पास कर दिया। दार्शनिक ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बताया कि प्रसवपूर्व गर्भाधान से शिशु के बाहर निकलने से उसकी जान को खतरा हो सकता है। कास्ट ने चाहा कि चौथे संत का भी जन्म हो जाए।
महिला के दावे पर स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?
स्वास्थ्य विभाग ने महिला के विशेषज्ञ पर अदालत में बताया कि, संस्करण पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि गर्भपात के दो सप्ताह तक गर्भनिरोधक संगीतकार का उपयोग करना है। इसके लिए वेदिका को गर्भनिरोधक का सामान उपलब्ध कराया गया था। गर्भाधान प्रशिक्षक का उपयोग नहीं किया गया। कभी-कभी ख़बरबाज़ी में रहना संभव हो सकता है। जिसके लिए अस्पताल या ऑपरेशन करने वालों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि अवेदिका ने कंसेंट लेटर में उल्लेख किया है कि प्लांट के अधिग्रहण का अधिकार नहीं है।
कोर्ट ने पीड़ित महिला के हक में फैसला सुनाते हुए कहा कि, ‘शारीरिक, मानसिक पीड़ा तीन लाख प्रति वर्ष की आयु में 23 नवंबर 2021 से अदायगी तिथि तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से अदा करना होगा। कोर्ट के दस्तावेजों से मिली जानकारी के अनुसार, वाड्रफनगर के ग्राम शारदापुर निवासी शांति देवी के पति बुधन कुमार लहरे की दो बेटी और एक बेटे के जन्म के बाद महिला रेजिडेंट कंसल्टेंट अमल किशोर पटवा की सलाह जारी की गई। महिला ने परामर्श खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय वाड्रफनगर में निवास के लिए पंजीकरण कराया था। 24 दिसंबर 2019 को अंबिकापुर के जिला अस्पताल ने पुनर्वास के बाद स्वास्थ्य विभाग का प्रमाण पत्र जारी किया था। महिला ने संबंधित चिकित्सा सेवा के खिलाफ परिवाद के खिलाफ आरोप लगाया कि, निवास के कुछ दिन बाद वह संदिग्ध हो गई। जांच के लिए जब वह स्वास्थ्य केंद्र के विशेषज्ञों ने बताया कि गर्भस्थ शिशु को बाहर निकालने से मां की मृत्यु हो सकती है।
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पहले प्रकाशित : 27 अगस्त, 2023, 19:52 IST
