Homeहेल्थ & फिटनेससुबह खाली पेट पितांबर के पत्तों को चबाने से मिलेंगे ये 4...

सुबह खाली पेट पितांबर के पत्तों को चबाने से मिलेंगे ये 4 अद्भुत फायदे, शुगर से लेकर कैंसर तक उपयोगी, विज्ञान ने भी माना लोहा


उत्तर

पीतांबर में मौजूद फ्लेनोएड और केंफेरॉल कंपनी के कारण कैंसर का क्षय होना प्रतीत होता है।
पीतांबर के शिष्य में अवसाद को दूर करने का गुण है।

पीताबर की पत्तियों के फायदे: पीतांबर के उपचार को कई लोग जानते हैं। इसे एडगज, दादमारी, कैंडल बुश, रिंगवर्म श्रब आदि आदिवासियों से भी जाना जाता है। पीतांबर औषधि का वैज्ञानिक नाम केसिया अलाटा (Cassia alata) है। इस प्रयोग में पीले रंग का फूल केकड़ा होता है जो 25 इंच तक वजन का होता है। इस कारण यह गार्डेन में भी लगाया जाता है। देखने में यह बेहद आकर्षक लगता है लेकिन ज्यादातर यह औषधीय पौधा है जो कई दवाओं का खात्मा करता है। भारत सहित एशियाई देशों में पीतांबर औषधियों का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता है। खासतौर पर यह स्किन के लिए बेहद ही जादुई होता है। पबमेड सेंट्रल जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पीतांबर के पत्ते में एंटी-एलर्जिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीकैंसर, एंटीडायबिटिक और एंटीफंगल गुण होते हैं। शोध के अनुसार पीतांबर के दुकानदारों में मौजूद गुणों के कारण पीतांबर के दुकानदारों को अगर सुबह-सुबह चौबया जाए तो कई जगहों से मुक्ति मिल सकती है।

पीतांबर के पत्ते के फायदे

1. मधुमेहरोधी-बैस्टैबिलिटी के अनुसार रिसर्च सेलेक्टोए गए आंकड़े में दावा किया गया है कि पीतांबर के उपचार में कई तरह के मेटाबॉलिक कंपाउंड होते हैं। पेटांबर के विक्रेताओं में फ्लेवोनेस, फ्लेवोनोएड, फ्लेवोनोल्ड, ग्लाइकोसाइड, एलाटिनॉन, डी ग्लूकोसाइड कंपनी होती है जो मेटाबोलिज्म को बढ़ावा देने के तरीके से शुरू होती है। इस कारण पीतांबर के पत्ते को अगर सुबह-सुबह चबाया जाए तो दिन भर रक्त शर्करा नहीं बढ़ता।

2.कैंसररोधी-समुंद्र तट पर प्रयोग के दौरान पाया गया कि पिटांबर की भर्ती से निकाले गए रस से कैंसर का नाश हो रहा है। असल में, पीतांबर में मौजूद फ्लेनोएड और केंमफेरोल कंपाउंड के कारण कैंसर की बीमारी का क्षय होना प्रतीत होता है।

3. सनी की चाहत में लाजवाब-पीतांबर की रेस्टॉरेंट से स्किन एसोसिएटेड हर तरह की फंगल या फिर लिटरेचर की जिंक से छुटाकारा पाया जा सकता है। अध्ययन में पाया गया कि टीनिया वर्सिकलर, सोरोसिस, रसासिया, वार्ट, कैंडिडा एल्बीकंस, टी से पीतांबर की रेस्ट को त्वचा पर लगाया गया। सीमी, सी हुनता जसी खाल की चुनौती से मुक्ति मिल सकती है।

4. ब्लड प्लेट प्लेट रेवेन्यू है-पीतांबर के पत्तों के सेवन से ब्लड प्लेट ग्लास का उपयोग किया जा सकता है। गहन अध्ययन में पाया गया कि 21 दिनों तक पितांबर के शिष्यों से बने रस को त्वचा में कटने के बीच में बांध वाले खून में तेजी से थक्का बन जाता है, जिसके कारण रक्तस्राव रुकने के समय में कमी आ जाती है। साथ ही यह ब्लड प्लेट प्लेट्स का बाजार भी बेहतर करता है।

5. रामबाण में अवसाद-पीतांबर के संस्थापक में अवसाद को दूर करने का गुण है। अध्ययन के अनुसार पितांबर के सेवन से शरीर में निष्क्रियता से मुक्ति मिलती है। यानि शरीर में यह तेजी से फुर्ती लाती है। अध्ययन में देखा गया कि जिस तरह की अवसाद की दवा फ्लुओक्साइटीन काम करती है वह तेजी से पीतांबर के इलाज में काम करती है।

यह भी पढ़ें- शरीर में दिखें ये 5 संकेत तो समझ जाएं किडनी है खराब होने वाली, खतरनाक बीमारी से पहले कर लें ये काम

यह भी पढ़ें- पेट में जमा हो गया है कई दिनों का मल, 3 मात्रा में इस तेल का मिश्रण, सुबह होने से पहले महीनों की जांच होगी बाहर

टैग: मधुमेह, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य सुझाव, जीवन शैली, ट्रेंडिंग न्यूज़



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img