रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इंसानियत को शर्मसार करने वाली खबर है। यहां 30 अगस्त को वियतनाम के दसवें दशक में दो सागी संस्कृतियों का जन्म हुआ। चौथे ने एक ईसाई के मंगेतर के सामने इस हेवानियत को अंजाम दिया। दोनों बहनें महासमुंद से भाई को रेलवे स्टेशन लेकर लौटीं। चार ने पहले युवतियों से नाबालिगों की हत्या की, फिर कुछ दूरियों ने उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया। वे युवाओं के साथ आ रहे युवाओं के साथ रेस्तरां भी की. इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में तूफान मच गया। इस मामले में पुलिस ने सभी 10 आरोपियों को अदालत में पेश कर 15 दिन के लिए जेल भेज दिया। पुलिस ने कोर्ट से जेल तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान गुस्साए भीड़ ने उन्हें दौड़ने के लिए पीटने के लिए दौड़ाया।
जानकारी के मुताबिक, घटना 30 अगस्त को मंदिर हसौद जिले के रिम्स कॉलेज के पास हुई। रात करीब 1 बजे पीड़ित मंदिर हसौद प्रदेश। यहां पीड़ित ने रिपोर्ट में लिखा है कि वह अपने परिचित युवक और छोटी बहन के साथ राखी का त्योहार मनाकर लौट रही थी। त्रिशूल पर भानसोज़ के रास्ते से वापस रायपुर आ रहे थे। इस बीच सड़क पर बाइक पर तीन युवा सवार थे। उन लोगों ने हाथ पकड़कर हम लोगों को रोक लिया। उन्होंने हमें कहा- धमाका-धमकाकर हमारे मोबाइल और लूट के लिए। थोड़ी देर बाद पीछे से चार बाइक पर और भी लड़का चला गया। वे सब हमें जान से मारने की धमकी देने वाले कुछ दूर ले गए और गिरवी रख दिए गए।
पीड़ित लड़कियों ने बताई आपबीती
इस घटना की सूचना में बताया गया है कि वरिष्ठ पुलिस कप्तान प्रशांत अग्रवाल ने वजीरलैंड एसपी नीरज चंद्राकर, चंचल तिवारी, नोयशा मिश्रा, दिनेश सिन्हा ललिता मेहर और 6 थानेदारों को सामान देने वालों के आदेश दिए हैं। उसी वक्त उन्होंने दस्तावेजों के निर्देश भी जारी कर दिए। इसके बाद वे स्वयं मंदिर हसौद थाना पहुंचे। उन्होंने खुद पीड़ित लड़कियों से घटना की जानकारी ली। बुनियादी तौर पर अज्ञात थे इसलिए पुलिस ने बदमाशों से किया था घोटाला. इस स्कैच को लेकर पुलिस को चारों ओर ले जाया गया।
ये हैं हैवानियत करने वाले 10 चतुर्थों के नाम
पुलिस ने रात भर रेलवे स्टेशन की घेराबंदी कर अलग-अलग स्थानों से 3 घंटे में ही 8 चार लोगों को कब्जे में ले लिया। चार के नाम हैं:- पूनम ठाकुर, ईसा मसीह, लव तिवारी, नयन साहूकार, एकमात्र वर्मा नीपर, देवचरण धीवर, लक्ष्मी ध्रुव, प्रहलाद साहूकार, कृष्ण साहू, मित्र किशोर हैं। इनमें से 5 साइबेरियाई हट्टा गांव हैं। शेष मूल बोरा, उमरिया और टेकरी गाँव के हैं। मुख्य अनाधिकृत निजी स्वामित्व वाली कंपनी। इसके खिलाफ थाना मंदिर हसौद और आरंग में 5 मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2019 में हत्या के मामले में रायपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साल 2022 में भी उन्हें रेप के मामले में रायपुर पुलिस ने जेल भेज दिया था. वह 17 अगस्त 2023 को रिहायशी इलाके में जमानत पर रिहा हो गया।
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पहले प्रकाशित : 03 सितंबर, 2023, 11:03 IST
