
राजीव शुक्ला और रोजर बिन्नी
इस साल एशिया कप 2023 का आयोजन पाकिस्तान और श्रीलंका में हो रहा है। जहां टीम इंडिया के सभी मैच श्रीलंका में खेले जा रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान में होने वाले मैच को देखने के लिए स्टेडियम के अध्यक्ष रोजर बिन्नी और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला स्थिर पाकिस्तान के ऐतिहासिक दौरे पर हैं। बिन्नी और राजीव शुक्ला सोमवार, 4 सितंबर को पाकिस्तान क्षेत्र से अटारी-वाघा सीमा के बाद पंजाब पहुँचेंगे। इन दो दिग्गजों का पाकिस्तान जाना आज पूरे दिन चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसके बाद राजीव शुक्ला ने एक बड़ा बयान दिया।
राजीव शुक्ला का बड़ा बयान
अनुभवी शुक्ला ने जहां लोगों से क्रिकेट को राजनीति से न जोड़ने का आग्रह किया, वहीं पीसीबी के अध्यक्ष जका अशरफ ने उम्मीद जताई कि दोनों क्रिकेट बोर्ड के शामिल होने में सुधार होगा। उन्होंने पीसीबीबी प्रबंध समिति के प्रमुख अशरफ थेपूख वाघा बॉर्डर पर फुटबॉल अधिकारियों का स्वागत किया और फिर उन्हें लाहौर में गद्दाफी स्टेडियम ले गए। एसोसिएशन के दोनों अधिकारी मंगलवार और रविवार को एशिया कप सुपर फोर के मैच देखेंगे। भारतीय टीम ने पिछली बार 2008 में एशिया कप के लिए पाकिस्तान की यात्रा की थी।
बाबर ने इसे अस्वीकार कर दिया था
पाकिस्तान ने आखिरी बार 2006 में भारत की मेजबानी के लिए श्रृंखला बनाई थी। ब्लास्टर्स ने एशिया कप के लिए अपनी पाकिस्तान टीम को तटस्थका प्रदर्शन कर दिया था, जिसके कारण वह ‘हाइब्रिड मॉडल’ कार्यक्रम का आयोजन दो देशों (पाकिस्तान और श्रीलंका) में कर रहा है। ब्लास्टर्स ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर द्वारा डिनर में आयोजित बिन्नी और शुक्ला की भागीदारी को मंजूरी दे दी।
शुक्ला ने कहा कि पाकिस्तान एशिया कप की मेजबानी है। इस निजीकरण का दौरा पूरी तरह से क्रिकेट से है और इसमें कोई राजनीति शामिल नहीं है। यह दो दिव्य यात्राएं हैं और पंजाब (पाकिस्तान) के गवर्नर के लिए हमारी यात्रा कर रहे हैं। इस मस्जिद में बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान की ताकतें शामिल हैं। हमें क्रिकेट को राजनीति के साथ नहीं जोड़ना चाहिए। पिछले दो दशकों से 2004 में ऐतिहासिक ‘फ़्रेंडशिप सीरीज़’ में बार्सिलोना से जुड़े बार्सिलोना के लिए बार्सिलोना का हिस्सा थे।
