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सूर्य मिशन के तहत सूर्या को भेजे गए संदेश में आदित्य एल-1 ने दूसरा ऑर्बिट आरामदेह पार लिया है।
इसरो ने बताया कि 10 सितंबर को आदित्य एल-1 का तीसरा ऑर्बिट पार विजिट आने वाला है।
नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (इसरो) की ओर से सूर्य पर रिसर्च के लिए भेजा गया आदित्य एल-1 (आदित्य एल1) ने दूसरा ऑर्बिट पार कर लिया है। इसरो ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट शेयर करते हुए जानकारी दी है। इसरो ने बताया कि आदित्य एल-1 ने 5 सितंबर की रात 2 बजे 45 मिनट की सेकेंड ऑर्बिट पार कर ली है। अब आदित्य एल-1 आगामी 10 सितंबर को रात 2 बजे 30 मिनट पर तीसरा ऑर्बिट पार विजिट।
बता दें कि 3 सितंबर को सूर्य मिशन आदित्य एल-1 ने फोर्स्ट फर्स्ट ऑर्बिट का रूपांतरण किया था। इसरो ने रविवार को सुबह करीब 11 नागालैंड 45 मिनट पर अर्थ बाउंड मोर्टार की थी, मदद से आदित्य एल-1 ने क्लास बदली थी।
इसरो ने ट्वीट कर कहा, ‘आदित्य-एल1 मिशन: सैटेलाइट सैटेलाइट ठीक और सामान्य से काम कर रहा है। पृथ्वी की कक्षा से संबंधित पहली प्रक्रिया (ईबीईएन#1) आईआईएसटी स्टॉक एक्सचेंज, कॉलेज से सामान की व्यवस्था की गई। नया वर्ग 245 किमी x 22,459 किमी प्राप्त हुआ।’
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‘आदित्य एल1’ को शनिवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किया गया था। मिशन का लक्ष्य सूर्य-पृथ्वी ‘एल1’ प्वाइंट पर भारत का पहला सूर्य विद्यालय स्थापित कर सूर्य के बाहरी वातावरण का अध्ययन करना है। एल1 का मतलब ‘लेग्रेंजपॉइंट 1’ है, जहां अंतरिक्ष यान स्थापित किया जाएगा। सौर पैनल के सक्रिय होने के बाद सैटेलाइट ने विद्युत ऊर्जा पैदा करना शुरू कर दिया। इसरो के अनुसार, आदित्य-एल1 पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर सूर्य का अध्ययन करेगा। यह पृथ्वी और सूर्य की कुल दूरी का लगभग एक प्रतिशत है। अंतरिक्ष एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यान न तो सूर्य पर उतरेगा और न ही सूर्य के और करीब आएगा। (इनपुट भाषा से)
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पहले प्रकाशित : 05 सितंबर, 2023, 06:19 IST
