शाश्वत सिंह/झाँसी। निश्चित समय में हर कोई अपनी सेहत को लेकर सार्थक हो गया है। कई लोग खुद को फिट रखने के लिए जिम भी जाते हैं और वहां जमकर हंगामा करते हैं। लेकिन जिम में पॉकेट ट्रेनर के हिसाब से लोगों की सेहत पर भारी गिरावट आ रही है। जिम में गलत डांस करने या लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने से लेकर युवाओं में साइटिका नामक बीमारी से तबीयत खराब हो रही है। स्थिति यह है कि निजीकरण में आने वाले 25 प्रतिशत युवा रोगी साइटिका की शिकायत लेकर ही आते हैं।
अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मयंक बैसाख ने बताया कि आज से कुछ साल पहले तक सांप में रोजाना दो से तीन मैरीज साइट की याचिका लेकर आए थे। लेकिन अब 100 से ज्यादा 30 से 35 मरीज साइटिका की शिकायत लेकर आए हैं। सबसे ज्यादा संख्या उन युवाओं की है जो बिना ट्रेनिंग ट्रेन के जिम में भारी वजन उठा रहे हैं। डॉ. बैसाख ने बताया कि साइटिका के प्रारंभिक चरण में दर्द कमर के नीचे से शुरू होता है। धीरे-धीरे यह पैर की एडोरियों की दिशा बढ़ती है। मरीज को ऐसा लगता है कि उसके शरीर में करंट दौड़ रहा है।
इन बातों का विशेष ध्यान
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मयंक बैसाख ने बताया कि अगर आप जिम में वॉयस कर रहे हैं तो बिना ट्रेन के वॉक न करें। रोज कमर का शोअप जरूर करें. खोजों से संबंधित समय कमर को शीर्षक में रखें. जब भी आप बैठे तो अपनी रीढ़ की हड्डी हर दिशा सीधी रखें। अपने समकक्षों में चने और दूध जैसी चीजें शामिल करें। अगर साइटिका के लक्षण दिखने शुरू हो जाएं तो किसी हड्डी रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। बिना किसी सिद्धांत के कोई दवा ना देना।
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पहले प्रकाशित : 05 सितंबर, 2023, 20:08 IST
