
गूगल पे अपने उपभोक्ता को कई तरह के फीचर्स देता है।
टेक्नोलॉजी और इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही डॉक्टरों के लेन डेन और शॉप के इनवेस्टमेंट में भी बड़ा बदलाव आया है। पिछले कुछ समय में डिजिटल पैनल का स्थिरता से तेजी से बढ़ा है। अब ज्यादातर लोग कैश की जगह ऑफ़लाइन पैवेलियन को ही तरजीह देते हैं। ऑफ़लाइन का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आपको अपने पास रखने का कोई फ़ायदा नहीं होता है। डिजिटल पैट्रोल हमें सुविधा देता है लेकिन इसका उपयोग करने के दौरान हमें काफी सावधानी बरतनी चाहिए। अगर हम समुद्र तट पर भी उथल-पुथल मचाते हैं तो भारी नुकसान हो सकता है।
डिजिटल सपोर्ट के लिए आज फोन पे, गूगल पे, यूपीआई, डॉक्यूमेंटेशन जैसे कई मंच मौजूद हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी एक प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन अगर आप जी-पे यानी गूगल पे का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके काम आने वाली है। आज हम आपको गूगल पे के कुछ ऐसे ही कमाल के फीचर्स वाले फीचर्स के बारे में बता रहे हैं जो दूसरे ऑनलाइन पेमेन्ट के हिसाब से काफी अलग हैं। अगर आप गूगल पे का इस्तेमाल करते हैं तो आप सबसे सुरक्षित तरीके से डिजिटल पैमेंट कर सकते हैं…
- बता दें कि GooglePay फेस आईडी, पासवर्ड और पिन जैसी सुरक्षा सुविधाएं आपको सपोर्ट करती है। ऐसे में अगर कोई आपका फोन भी डाउनलोड करता है तो वह गूगल पे का इस्तेमाल नहीं करेगा। अगर आपके फोन में स्क्रीन लॉक फीचर इनेबल है तो यह ऐप भी एट्टो आर्टिस्टिक लॉक हो जाएगा। यह खासियत इसे सबसे ज्यादा सेक्योर कर देती है।
- Google पे पेपैल बनाने से पहले आपको यह भी भेजना होगा जो आपको फ़्रॉड ट्रॉंजेक्शन से जुड़ा है। अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को अपडेट कर रहे हैं जिसका नंबर आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में नहीं है तो Google पे आपको जरूर भेजें। ऐप यह काम मशीन सिखाने का काम करता है।
- GooglePay से डेटा अपलोड करने का सारा डेटा यानी कुल मिलाकर Google Pay पर ही सेव हो जाता है। आपका पूरा रोल Google के साथ सुरक्षित रहता है। Google पर इस संपूर्ण डेटा को शामिल किया गया है। इससे आपका सिक्युर रहता है।
- यदि आप ऑनलाइन के लिए पैवेलियन कार्ड का उपयोग करते हैं तो इससे अधिक सुरक्षित है कि आप Google पे का उपयोग करें। यह एक सेफ मूड है। यह ऐप्लीकेशन आपके वर्चुअल अकाउंट का उपयोग करता है। इससे आपके खाते की कोई जानकारी नहीं मिलती और न ही आपके कार्ड का कोई पता चलता है।
- Google पे अपने उपभोक्ताओं को प्राइवेट कंट्रोल का फीचर भी देता है। इस ऐप पर आप जो भी पर्सनल इंजीनियरिंग ट्रांज़ेक्शन करते हैं, यह ऐप पर्सनलाइज़ेशन फॉर्म सेव नहीं करता है। ऐप्लीकेशन अपने ग्राहकों को 3 महीने का समय अवधि के लिए भी उपलब्ध कराता है।
