उत्तर
मुंह के कैंसर में मुंह के अंदर के डीएनए में उत्परिवर्तन होने लगता है।
दस्तावेज़ के अनुसार हर 6 साल में एक मौत कैंसर से होती है।
मुँह के कैंसर के लक्षण: हर तरह के कैंसर का आज भी मुकम्मल इलाज नहीं है। जो इलाज है अगर शुरुआत में पता चल गया तो ही कुछ जीने की उम्मीद होती है। इसलिए कैंसर का नाम दर्ज होने से लोगों के तीर्थयात्रियों के नीचे जमीन खिसक जाती है। दस्तावेज़ के अनुसार हर 6 साल में एक मौत कैंसर से होती है। कैंसर का इलाज संभव है जब इसकी शुरूआती दौर में पता चल जाए लेकिन जागरूकता की कमी के बारे में हम इसे बार-बार लागू करते हैं। कुछ ऐसी ही चिकित्सीय दवाएं शामिल हैं जिन्हें हम मामूली तौर पर समझते हैं और कैंसर के लक्षण भी इसी तरह के मामूली लक्षणों से शुरू होते हैं। मुंह के कैंसर में इसी तरह के लक्षणदिखते हैं। इसलिए अगर समय पर मुंह के कैंसर के इलाज पर ध्यान दिया जाए तो इस घातक बीमारी से बचा जा सकता है।
क्या है मुंह का कैंसर
माओ क्लिनिक के अनुसार मुंह के अंदर का हिस्सा और अंदरुनी हिस्से जैसे कि होंठ, मसूड़े, जीभ, मुंह के अंदर का हिस्सा, मुंह के अंदर का ऊपरी हिस्सा, जीभ के नीचे का हिस्सा आदि तरह से मुंह का कैंसर हो सकता है। मुंह के अंदर के कैंसर के बारे में मौखिक कैंसर कहा जाता है।
मुँह के कैंसर के संकेत
हालाँकि किसी भी तरह के कैंसर के लक्षण बीमारी के तत्काल बाद दिखाई नहीं देते हैं लेकिन जैसे-जैसे यह विकसित होते हैं कुछ मामूली लक्षण दिखाई देते हैं। मुंह का कैंसर होने पर मुंह के अंदर एक सफेद या लाल रंग का दाग बन जाता है। इसके साथ ही दांतों में सुधार आने लगता है। वहीं मुंह के अंदर लैम्प या कुछ दांतों की तरह का बढ़ना मुंह में अक्सर दर्द होने लगता है। इतना ही नहीं मुंह में कैंसर होने पर भी दर्द होने लगता है। जब बीमारी बढ़ती है तो खाने में दिक्कत होती है।
मूंगफली या मुंह का घाव हो जाता है जिसका इलाज बाद में ठीक नहीं होता है।
मुँह के कैंसर का कारण
मुंह के कैंसर में मुंह के अंदर के डीएनए में उत्परिवर्तन होने लगता है। एक तरह से यह बीमारी का डीएनए खराब हो जाता है। डीएनए ख़राब होने के कई कारण हो सकते हैं. कई तरह के प्रमुख कारण, डायनासोर में मौजूद रसायन, सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें, खाद्य पदार्थों में मौजूद टॉक्सिन रसायन, रेडिएक्शन रसायन, संक्रामक एजेंट, रसायन में मौजूद रसायन, बैंजिन, एस्बेस्टस, आर्सेनिक, बेरेलियम, निकेल जैसे कैंसर काउजिंग सब्सटांस आदि के डीएनए बर्बाद कर देते हैं.
इन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा
जो लोग तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन करते हैं, उनसे मुंह के कैंसर का खतरा कई गुना ज्यादा होता है। सिगरेट, रिडी बी, सिगरेट या सिगरेट का ही सेवन क्यों न कर रहे हो। वहीं बहुत अधिक पैसे लेने वाले को भी मुंह के कैंसर का खतरा है। फिजिकल इम्प्लांट से इम्प्लांट वाले मैरोन पेपिलोमावायरस से भी मुंह का कैंसर हो सकता है। इसलिए सुरक्षित यौन संबंध बनाना चाहिए. जिस व्यक्ति की इम्युनिटी पक्की होती है, उसमें भी मुंह के कैंसर का खतरा रहता है।
कैसे बनायें
मुंह का कैंसर या अन्य किसी भी तरह के कैंसर से बचाव के लिए तंबाकू का सेवन किसी भी रूप में नहीं करना चाहिए। शराब से जिम्मेदारी निभाना चाहिए. बहुत ज्यादा धूप में नहीं रहना चाहिए. मुख से संबंधित वीडियो में कॉन्स्टेबल से संपर्क में रहना चाहिए। फ़्रैंचाइज़ी खाना पकाने की विधि. हरी सब्जी, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन सबसे ज्यादा करें। रेस्तरां, रेस्तरां, रेस्तरां से दूर रहना।
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टैग: कैंसर, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य सुझाव, जीवन शैली
पहले प्रकाशित : 15 सितंबर, 2023, 06:40 IST
