रामकुमार नायक/रायपुर. पूरे देश सहित छत्तीसगढ़ में भी गणेश चतुर्थी महोत्सव की तैयारी शुरू हो गई है। भक्तगण विघ्नहर्ता का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। वहीं मूर्तिकार भी गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप में पेश करने में लगे हुए हैं। 19 सितम्बर को गणेश चतुर्थी है।
राजधानी रायपुर में भी गणेश चतुर्थी की तैयारी जोरों पर है। रायपुर के माने तो बड़ी-बड़ी मूर्तियां बनाई जाती हैं, प्रॉजेक्ट पाइपलाइन 6 फीट से लेकर 18 फीट तक है। अभी कारीगरों को रंगने का काम किया जा रहा है। इस गणेश चतुर्थी के अवसर पर विभिन्न प्रकार की मूर्तियां बनाई गई हैं, जो छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य बेरोजगारों में भी पैदा होते हैं।
600 रुपए से लेकर 40 हजार तक की मूर्तियां
इस बार की कीमत 601 से लेकर 40,000 रुपये तक है। ज्यादातर छोटी और मध्यम आकार की मूर्तियां बन रही हैं। भगवान गणेश की माला में बाल गणेश, सिंहासन पर गणेश जी, पगड़ी वाले गणेश, शिवाजी की पोशाक में गणेश, और ढोलक बजाते गणेश शामिल हैं. मूर्तिकारों का कहना है कि पिछले साल पेंट की कीमत 450 रुपये प्रति लीटर थी, जो इस बार 510 रुपए प्रति लीटर हो गया है। बांस की कीमत प्रति नाग 60 रुपए से 100 रुपए तक है।
मिट्टी के परिवहन की कीमत पिछले साल 1800 रुपये प्रति यात्रा थी, जो इस बार 2500 रुपए प्रति ट्रिप हो गया है, छोटे सामानों की कीमत 100 से 200 रुपये और छोटे सामानों की कीमत 3,000 से 4,000 रुपये तक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि पिछले बार के कॉम्प्लेक्स में इस बार के सामान की साज-सज्जा की सुविधा है।
.
टैग: छत्तीसगढ़ समाचार, गणेश चतुर्थी, ताज़ा हिन्दी समाचार, स्थानीय18, रायपुर समाचार
पहले प्रकाशित : 15 सितंबर, 2023, 14:31 IST
