लक्षेश्वर यादव/जांजगीर चांपा: राजानंद गांव जिले में पोला पर्व काफी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जिले के कई जिलों में बैल रेस का आयोजन भी किया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न घरों में मठाधीशों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और किसानों ने पशुधन की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही बॉल रेस का आयोजन हुआ, जो पिछले दिनों शहर के चिखली के पहेली चौक में हुआ था 43 पोरा फेस्टिवल के ओर से पर्सेंट से समिति की ओर से बैल रेस का आयोजन किया जा रहा है।
बैल दौड़ में 20-25 जोड़े शामिल
इस साल के बॉल रेसिंग इवेंट में लगभग बैल की 20 से 25 जोडारियों ने भाग लिया. समिति की ओर से बैल दौड़ समारोह में 5 हजार रूपये, चाँदी के पीले3 हजार सहायक आवेदन पत्र दिया गया था. बैल दौड़ में भाग लेने वाले का पहला स्थान नंदाई चौक से प्राप्त हुआ, जहां इस बैल दौड़ को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।
पोला उत्सव के सिद्धांत
पोला त्यौहार भादो मास की समाप्ति तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बैलों का श्रृंगार कर उनकी पूजा की जाती है। बच्चों में इस त्यौहार को लेकर विशेष उत्साह रहता है, बच्चों के लिए मिट्टी के बैल को सजा कर इसे सीता के माता-पिता के रूप में जाना जाता है और मिट्टी के बर्तन पोरा-जांता आदि की पूजा भी की जाती है। कई स्थानों पर इस डे बॉल रेसिंग का भी आयोजन किया गया है। पोला पर्व के मौके पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और इस दौरान ईश्वर से अच्छे उद्योग और पशुधन सहित परिवार में सुख समृद्धि की कामना की गई।
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पहले प्रकाशित : 15 सितंबर, 2023, 21:57 IST
