उत्तर
वन अधिकारी के खिलाफ हुई कार्रवाई पर आरोपी की याचिका।
नेशनल की एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लें रंगे को पकड़ लिया।
क्षेत्रीय वन अधिकारी के खिलाफ केके जैन पर केस दर्ज।
बृहत्. बिलग्राम क्षेत्र में एसेट रेंजर केके जैन ने एंटी करप्शन टीम को ‘सुविधा शुल्क’ दिया, यानी रिश्वत की नकदी लिए रंगे हाथों में पकड़ ले ली। प्रकरण के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, एक कंडा पेड़ का टुकड़ा चाहिए था, जिसके लिए दस्तावेज के लिए आवेदन किया गया था। लाइब्रेरी जारी करने के बदले में रेंजर ने ‘सुविधा शुल्क’ की मांग की थी। पीड़ित व्यक्ति ने सुविधा शुल्क बिजनेस जाने की याचिका एंटी करप्शन टीम से कर दी. उनकी याचिका पर एंटी करप्शन टीम ने रविवार को शाम रेंजर के जैन को रंगे हाथों से पकड़ लिया और उनसे पूछताछ की।
इस संबंध में जब डीएफओ शशिकांत से जानकारी मांगी तो उनके फोन अर्दली ने उठाया। अर्दली ने बताया कि साहब लखनऊ में स्थित हैं। बिजनेस, इस कार्रवाई से ‘सुविधा शुल्क’ में छात्रावास वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर धावा बोला गया है। बता दें कि भंडारी में अधिकारी-कर्मचारियों के लगातार मीडिया के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इसी जिले में पूर्व में कई बार एंटी करप्शन की टीम ने कई अन्य कर्मचारियों को भी शामिल कर गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद ही जीरो टालरेंस की नीति पर काम करने के निर्देश सभी सरकारी कर्मचारियों को दिए गए थे। लेकिन, सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी बिना रिश्वत के आज भी कोई काम नहीं हो रहा है। सरकार कॉन्स्टेंट मोबाइल पर मेसेज गुट के लोगों को साझीदार बनाने का काम करती है, फिर भी प्रदेश में कॉन्फ़्रेंस पर कॉन्फ़्रेंस का विचार नहीं आ रहा है।
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पहले प्रकाशित : 15 सितंबर, 2023, 14:01 IST
