
फ्रांस से पहले चीन ने अपने सरकारी स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले सामानों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
ऐपल मॉडल की नई सीरीज iPhone 15 को लॉन्च किया गया है। लक्वर्स में नए डिजाइन को लेकर स्ट्रैटेजी क्रेज देखने को मिल रहा है क्योंकि इस बार नए फीचर्स के साथ पैकेज लॉन्च हुआ है। 15 के लॉन्च होते ही ऐपल को एक बड़ा झटका भी लगा है। फ्रांस की सरकार ने iPhone 12 को बैन कर दिया है। सरकार ने 12 ब्रिकी को रोक दिया है। फ्रांस से पहले चीन ने भी ओबामा का आरोप लगाते हुए सरकारी दस्तावेजों में इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी।
चीन के बाद अब फ्रांस में अमेरिका प्रतिबंध से एप्पल को दोहरा झटका लगा है। फ्रांस में 12 के मॉडल पर प्रतिबंध लगने के पीछे बड़ा कारण यह है कि 12 के मॉडल से आगमन वाला रेड संदेश भेजा जा रहा है। सरकार का कहना है कि 12 से 12 इंच पुराना रेड एसोसिएशन सरकार की तरफ से तय की गई सीमा से काफी ज्यादा है। अधिकांश मात्रा में रेड ऑयल का नीलकनाशारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है और इसी कारण से अब फ्रांस की सरकार ने इस मॉडल की ब्रिकी पर प्रतिबंध लगा दिया है।
एएनएफआर ने डिजिटल उपकरणों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए
आपको बता दें कि फ्रांस में ANFR नाम की एक एजेंसी है जो रेडियो फ्रिकवेंस को नियंत्रित करती है। एजेंसी की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि फ्रांस में 12 स्टेशनों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि इस फोन से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेड बीमारी का खतरा बहुत ज्यादा है। इसका इस्तेमाल मानव शरीर के लिए खतरनाक है।
फ्रांस के एसेन्ज ने एसएआर वैल्यू का पता लगाने के लिए करीब 141 फोन की टेस्टिंग की। इसमें डिजायन 12 भी शामिल था। परीक्षण के दौरान 12 से हैरान करने वाले रिजल्स सामने आए। जांच में पता चला कि जब भी किसी व्यक्ति ने iPhone 12 को पॉकेट में रखा है तो उसने करीब 5.74 वॉट प्रति किला रेड चैलेंज को हटा दिया है, जबकि यूरोपीय देशों के लिए सार वैल्यूम को 4.0 वॉट प्रति किलर के अंदर की सीमा निर्धारित की गई है।
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