सौरभ तिवारी/जगदपुरः जिले के युवाओं को स्कूल और शिक्षा से जोड़ने के लिए जिले में एक नई पहल की जा रही है। इसकी शुरुआत सोमवार से हुई. बच्चों को अब क्लास शुरू करने से पहले नाश्ता दिया जाता है, दोपहर में मध्याह्न भोजन भी करेंगे। इसके साथ ही नारायणपुर जिला ऐसा ही पहला जिला पूरे राज्य में पहला जिला बन गया है।
जगद्पुर के कलाकारों में सबसे पहले
जगदलपुर में 11 सितंबर से यह योजना शुरू हो गई है। बच्चों में स्कूल जाने की रुचि जगाने के साथ ही ड्रॉप आउट की समस्या प्रशासन ने जिले के 13 हजार 510 बच्चों को सुबह स्कूल जाने से पहले शुरू करने की व्यवस्था की है।
स्कूल में सुबह का नाश्ता उपलब्ध है
अगर पहले व्यवस्था की बात करें तो अब तक प्राइमरी और मिडिल स्कूल के बच्चों को दोपहर में सिर्फ मध्याह्न भोजन दिया जाता था। वहीं अब ऐसी उम्मीद है कि स्कूल जाने के बाद स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या में और भी स्कूल जाएंगे।
पूरे सत्र में लगभग 2.5 करोड़ का खर्च
जिले के डॉक्टर एजिओट स्प्रिंग ने बताया कि बच्चों को नाश्ते में हर साल पूरे सत्र का लगभग 20 करोड़ रुपये का खर्चा देना चाहिए। सेंट की व्यवस्था नीति आयोग और डॉक्टरएफ. नाश्ता बनाना और वितरण का सारा काम सहायता ग्रुप विजिट जो स्कलों में पहले से ही मध्याह्न भोजन बना रहा है। इसके लिए प्रति माह उन्हें 8 सौ रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में यह सबसे पहले प्रस्तावित किया गया है। मिड-डे-मील के साथ सरकारी या सहायता प्राप्त स्काल में बच्चों को मुफ्त में नाश्ता देने का प्रस्ताव है। बता दें कि इस योजना में बच्चों को प्रशिक्षित करने और उनकी प्रति आकर्षित करने की योजना आपकी मदद करेगी।
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पहले प्रकाशित : 14 सितंबर, 2023, 12:05 IST
