नई दिल्ली (भारत में स्कूल). भारत के हर शहर में कुछ समुद्र तटों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि निर्णय लेना आसान नहीं है। हर किसी ने अपने स्कूल को बेस्ट स्कूल की दुकान में पाया है। इसी वजह से किसी भी तरह से स्कूल में बच्चों का चित्रांकन से पहले माता-पिता को कई स्तरों पर गहराई से अनुसंधान करना पड़ा है।
भारत की 77.70 प्रतिशत जनसंख्या पढ़ी-लिखी है (Literacy Rate In India). आज़ादी के समय यानी 1947 में यह आंकड़ा 18 प्रतिशत था। अलग-अलग राज्यों का मंदिर दर अलग है। इसी प्रकार भारत के हर राज्य में स्कलों की संख्या भी काफी भिन्न है। जानिए भारत में कुल कितने स्कूल हैं, उनमें से कितने सरकारी हैं और कितने निजी हैं (Types of Schools in India).
भारत में कुल कितने स्कूल हैं (Schools in India)?
UDISE+ की साल 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कुल 14,08,115 स्कूल हैं। साल 2021 में यह आंकड़ा 15,09,136 था। इससे साफ पता चलता है कि एक साल में 1,01,021 स्कूल बंद हो गए। वहीं, 2019 में स्कूलों की संख्या 15,51,000 थी। कोरोना काल में कुछ स्कूलों को काफी नुकसान हुआ था. संभवतया इसलिए भी 2022 तक स्कूलों की संख्या में काफी गिरावट दर्ज की गई है।
भारत में किस तरह के स्कूल हैं?
स्कूलों में मुख्य रूप से 3 श्रेणियों में स्नातक, प्राइमरी स्कूल, सेकेंडरी स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। 2022 में देखें तीन तरह के सिक्कों की संख्या कितनी थी।
प्राइमरी स्कूल (भारत में प्राथमिक विद्यालय)- प्राइमरी लाइब्रेरी को औपचारिक शिक्षा का पहला चरण माना जाता है। इनमें से 4-11 साल की उम्र तक के बच्चों की बातें हैं। भारत में 11,96,265 प्राइमरी स्कूल हैं।
सेकंडरी स्कूल (भारत में माध्यमिक विद्यालय)- सेकंडरी स्कूल में 12 से 16 साल की उम्र तक के बच्चे पढ़ते हैं यानि 10वीं कक्षा तक के। भारत में 1,50,452 सेकंडरी स्कूल हैं।
हायर सेकंडरी स्कूल (भारत में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय)- इनमें से 16 से 18 साल तक की आयु वाले 11वीं और 12वीं कक्षा वाले पढ़ते हैं। भारत में 1,42,398 हायर सेकेंडरी स्कूल हैं।
इस आधार पर भी स्कूल हैं
भारत में तीन तरह के स्कूल हैं- सरकारी (सरकारी स्कूल), सरकारी सहायता प्राप्त (सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल) और निजी (निजी स्कूल)। इन तृतीय श्रेणी में भारत में सरकारी स्कूलों की संख्या सबसे अधिक है। इन स्कूलों में 97 लाख से भी ज्यादा शिक्षक हैं।
सरकारी स्कूल- 10,22,386
सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय- 82,480
निजी स्कूल- 3,40,753
देश में CBSE और ICSE बोर्ड के कितने स्कूल हैं?
भारत में 2 ऐसे बोर्ड हैं, संबद्धता प्राप्त आधिकारिक स्कूल पत्रिका में हैं- सुजुकी (सीबीएसई बोर्ड स्कूल) और सीआईएससीई। सीआईएससीई बोर्ड (एसआईएससीई बोर्ड स्कूल) को दो दस्तावेजों में शामिल किया गया है- 10वीं के लिए आईसीएसई बोर्ड स्कूल और 12वीं के लिए आईएसएससी (आईएससी बोर्ड स्कूल)।
| स्कूल | संख्या |
| उदयपुर बोर्ड के कुल स्कूल | 28,453 |
| विद्यालय | 1202 |
| इंडिपेंडेंट स्कूल | 21,489 |
| नवोदय विद्यालय | 630 |
| सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल | 235 |
| आईसीएसई बोर्ड के स्कूल | 2807 |
| आईएससी बोर्ड के स्कूल | 1228 |
भारत में कोएड, लड़कियों के लिए और छात्रों के लिए कितने स्कूल हैं?
भारत में कोएड स्कूलों की संख्या सबसे ज्यादा है। इन स्कूलों में छात्र एवं छात्राएँ, दोनों समान रूप से शिक्षा प्राप्त करते हैं।
कोएड स्कूल- 14,47,503
सिर्फ लड़कियों के लिए- 29,656
सिर्फ छात्रों के लिए- 11,956
भारत में कितने छात्र हैं (भारत में छात्रों की संख्या)?
UDISE+ की साल 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 26,52,35,830 यानी 26 करोड़ 52 लाख 35 हजार 830 लोग हैं। इनमें से 18,86,32,942 सीनियर प्राइमरी स्कूल में हैं, 3,85,28,631 सेकेंड्री में और 2,85,79,050 हायर सेकेंड्री में हैं। 14,32,40,480 छात्र सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं, 8,82,71,316 निजी में और 2,70,39,457 सरकारी सहायता प्राप्त हैं।
(नोट- सभी आंकड़े UDISE+, के इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजनेस, सीआईएससीई, नवोदय विद्यालय, दिल्ली पब्लिक स्कूल की वेबसाइट से लिए गए हैं।)
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पहले प्रकाशित : 16 सितंबर, 2023, 15:04 IST
