ओपीपी/सपनाजांजगीरः जांजगीर जिले के अकलतरा ब्लॉक में सबसे ज्यादा सिंघाड़े की खेती की जा रही है। एक समय ऐसा था कि केवल गिनी चुनी किसान ही सिंघाड़े की खेती करते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह से बदल दी गई है। इस समय ग्राम बरगवा में दो किसानों से अधिक किसान सिघाड़े की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं।
बदलते समय के साथ ही खेती किसानी के क्षेत्र में भी बदलाव आया है। पहले किसान पारंपरिक फार्म से कुछ ही खेती करते थे, लेकिन अब उनकी खेती बढ़ गई है। जांजगीर जिले के अकलतरा ब्लॉक के ग्राम बरगांव में किसान सिंघाड़े की खेती कर आर्थिक रूप से तैयार किया जा रहा है। गांव के करीब दो अनमोल किसान तालाबों में बड़े पैमाने पर सिंघाड़े की फसल ले रहे हैं, जिससे उनकी अच्छी बिक्री हो रही है।
सिंघाड़े की खेती के फायदे
सिंघाड़ा की कीमत के बारे में बात करें तो, चिलर बाजार में सिंघाड़ा 50 से 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। लेकिन किसान सिंघाड़े को बिलासपुर मंडी में स्टॉक में रखा जाता है, जिससे उन्हें एकमुश्त पैसे मिलते हैं। सितंबर मार्च तक सिंघाड़े की फसल मार्च-अप्रैल माह की होती है, सिघाड़े की ठंड की फसल होती है, जिसके माध्यम से इसकी कीमत बाजार में अधिक होती है। सिंघाड़े में कई प्रकार के प्रोटीन विटामिन पाए जाते हैं।
.
टैग: कृषि, छत्तीसगढ़ नया, स्थानीय18, सफलता की कहानी
पहले प्रकाशित : 17 सितंबर, 2023, 13:33 IST
