अनूप/कोरबाः लगातार हो रही बारिश और तापमान में गिरावट- बारिश से मौसम में भी लगातार बदलाव हो रहा है। जिस कारण से ठंड-खांसी, ठंड सहित अन्य विषाणु रोग आम हो गए हैं। इन दिनों आतंकवादियों से पीड़ित लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। असल में आपको बता दें, कि यह विषाणु व्यक्ति की दुनिया के माध्यम से वातावरण में आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सावधान किया है, कि वे भीड़भाड़ वाले बागानों को जंगलों में अत्यधिक सावधानी से रखें।
3 साल पहले कोविड की तस्वीरें और कड़वे अनुभव लोगों को जिंदगी भर याद रहे, इतना तो तय है कि लंबी राहत के बाद लोगों को राहत मिली। यहां मौसम के बदलते दौर में नई मुसीबत से लोगों का सामना करने के साथ-साथ भी बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन दिनों सर्दी, बुखार, सर्दी, खांसी में वृद्धि हुई है। वायरल बुखारी ऑर्मीथिक वेबसाइट्स को तेजी से लोकप्रियता हासिल हो रही है। तीन-चार दिन में लोग ठीक हो रहे हैं. लेकिन अगर लोग सावधानी दिखाते हैं, तो चित्र से बच सकते हैं।
वायरल बुखार या कोरोना ?
राज्य में वायरल लुक-खांसी और बुखार का प्रकोप थमाने का नाम नहीं ले रहा। कोरबा के सरकारी निजी और निजी बैंकों में वायरल चुनौती से लेकर अब तक की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शहर के हर मोहल्ले में पीड़ित पीड़ित मिल रहे हैं। उनका कहना है कि बुखार और ठंड से बीमारी शुरू हो गई थी। दूसरा-तीसरे दिन खांसी हो गई। समय के साथ बुखार और ठंड से राहत मिल गई लेकिन खांसी का पीछा नहीं छूट रहा। अविश्वास का कहना है कि वायरल की तुलना में पहले की तुलना में अधिक घातक प्रभाव दिख रहा है। इस बार संक्रमण लगभग कोरोना से जुलता दिख रहा है। हालाँकि ये कोरोना बिलकुल नहीं है.
टुकड़ों और टुकड़ों में बढ़ रहे मरीज
कोरबा के मेडिकल कॉलेज सहित सभी विकासखंडों के अस्पतालों में इस प्रकार की बीमारी से पीड़ित मरीजों की पहुंच का क्रम जारी है। इस प्रकार के मामलों पर ध्यान देते हुए मरीज के उपचार के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं।
वायरल बुखार का कारण
किसी भी व्यक्ति के स्पर्श या भोजन के माध्यम से संपर्क में आ सकते हैं।
बैक्टीरिया भोजन और पानी का सेवन करना।
कीड़े के काटने वाले से वायरस फैलते हैं, जो वायरल बुखार का कारण बन सकते हैं।
किसी भी व्यक्ति के वायरस युक्त ड्रॉपलेट से भी फ्लू हो सकता है।
वायरल बुखार के लक्षण
पेट में दर्द, थकान और कमजोरी, शरीर में दर्द, ठंड लगना, पेट में दर्द, थकान और कमजोरी, भूख में कमी, थकान और कमजोरी
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पहले प्रकाशित : 13 सितंबर, 2023, 13:50 IST
