रामकुमार नायक, रायपुरः पूरे देश में गणेश चतुर्थी का पर्व बड़े पैमाने पर ही धूम धाम से मनाया जाता है। खासकर बच्चों को गणपति बप्पा का इंतजार बासमती से रहता है। वहीं भी विघ्नहर्ता को अपनी महिलाएं घर, व्यवसाय वाले स्थान और गली मोहल्लों में स्थापित करने के लिए उत्सुक रहती हैं। लेकिन इन सबके बीच शुभ मुहूर्त और तिथि को लेकर काफी संशय रहता है। इस बार भी गणेश चतुर्थी तिथि को लेकर संशय बनी हुई है। भक्त सोच में पड़ गए कि कब गणपति जी की स्थापना की जाए।
इस दिन मनाएंगे गणेश चतुर्थी
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि गणेश चतुर्थी भादों मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान गणेशजी की नवीन प्रतिमा को डेढ़ दिन पहले घर लाया गया, उनकी रचना और कार्य वाले स्थान में स्थापना कर पूजा की जाती है। इस वर्ष यह तिथि यानि गणेश चतुर्थी 19 सितम्बर 2023 दिन मंगलवार को पड़ रहा है. इस तिथि में किसी भी प्रकार की कोई शंका नहीं है। इस दिन भगवान गणेशजी की मूर्ति की स्थापना कर सुंदर तरीके से सुबह शाम पूजा करनी चाहिए। वस्तुतः के अनुसार आरती में प्रस्तुतियाँ दी जानी चाहिए।
गणेश जी की पूजा करने का तरीका
पंडित मनोज शुक्ला ने आगे बताया कि गणेश जी की पूजा से हर तरह के विघ्नों को शांत किया जाता है। गणेश जी की प्रथम पूजा की जाती है. भगवान गणेश जी का मनोरथ पूर्ण रूप से बनाया जाता है। सबसे सरल और सहज पूजा भगवान गणेश जी की है। छोटे छोटे बच्चों की गलियों के मोहल्लों में चौक पर भगवान जी के लिए एक छोटे सा मंच पर मूर्ति स्थापना की जाती है।
भगवान गणेशजी की पूजा के लिए किसी विशेष विधि विधान की आवश्यकता नहीं है। मंत्रोपचार करते हुए स्थापना कर सकते हैं इसके अलावा प्रतिदिन अवलोकन के आधार पर आरती की जा सकती है। यही पूजा का नियम है. गणेशजी के दर्शन और प्रदर्शन की आवश्यकता नहीं है।
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पहले प्रकाशित : 18 सितंबर, 2023, 11:57 IST
