राम कुमार नायक/रायपुरः रायपुर में गणेश चतुर्थी का उत्सव 19 सितंबर को मनाया जाएगा. राजधानी रायपुर में घर के बाहर, ऑफिस और गली-मोहल्लों में गणपति बप्पा के लिए सामान सजाए गए हैं। राजधानी में स्थान-स्थान गणपति जी की माला की स्थापना की जाएगी। इसका अंतिम चरण अंतिम चरण पर है। इस बार इको-फ्रेंडली गणेश के अलावा यूनिक गणपति भी देखें.
इसी कड़ी में रायपुर में छत्तीसगढ़िया ओलिंपिक के दिग्गजों पर मूर्तिकार यादव परिवार ने गणपति जी बनाए हैं। फल, फूल, बाकी के अलावा, भौरा-रेत, बाँटी, गिल्ली, और गणेश जी की एक शानदार मूर्ति तैयार की गई है।
13 साल से इको फ्रेंडली गणपति ला रहे शिवचरण
राजधानी रायपुर के रामपुरा क्षेत्र में मूर्तिकार शिवचरण यादव का परिवार रहता है। मूर्तिकार शिवचरण की बेटी रशीद यादव के बारे में जानिए उनके आदर्श शिवचरण यादव ने 13 साल पहले इको-फ्रेंडली और यूनिक गणेश मेकिंग की शुरुआत हुई थी। उसके बाद से ही पूरा परिवार मूर्तियाँ बना रहा है। महादेव घाट के पास ‘ढूढते रहन‘ के नाम से पिछला 40 साल से दही पापड़ी का ठेला भी चॉकलेट आ रहे हैं, पिछले कुछ दिनों में गुपचुप की बिक्री बंद हो गई है, तो सामान का काम करते हैं.
इस तरह से सेलेक्टाई बनाने की सामग्री
इस यादव परिवार ने 500 भौरा1000 बाँटी700 गिल्ली, और 700 गणेश जी की मूर्ति से लेकर गणेश जी की प्रतिमा तक तैयार हो चुकी है। पारिजात और सीसम की लकड़ी से गिल्ली डंडा बनाया जाता है. मूर्तिकार रशीद यादव के अनुसार बलमहाराज गणेश उत्सव समिति डंगनिया में ये गणपति जी विराजमान होंगे, इसे बनाओ 3 महीने लगे, जब छत्तीसगढ़ में ओलंपिक की शुरुआत हुई तो इसी थीम को लेकर सोच रहे थे, तभी से इस पर काम शुरू हुआ और आज मूर्ति बनकर तैयार है।
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पहले प्रकाशित : 18 सितंबर, 2023, 23:53 IST
