ओप/सापानकोरबा : कोरबा के ग्रामीण इलाकों में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की स्थिति अब भी है। कहीं-कहीं-कहीं-कहीं-कहीं-कहीं-जहाँ-जहाँ-जहाँ-जहाँ की स्थिति खराब है। करतला विकासखंड के पंचायत ग्राम महोरा के भांटापारा जिले की भी यही कहानी है। जहां प्राइमरी स्कूल भवन का निर्माण कार्य पिछले पांच साल से अधूरा है। कई कोशिशों के बाद भवन निर्माण का कार्य सफल नहीं हो सका। जिस कारण से छात्रों को कोचिंग भवन में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
लाख कोशिशों के बाद छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में सरकार द्वारा संचालित सरकारी स्कूलों की दशा सुधाने का नाम नहीं ले रही है। डॉक्टरों को पानी की तरह कंपनी के बाद भी स्थिति में दिक्कतें आती हैं। करतला विकासखंड के पंचायत ग्राम महोरा के भांटापारा मॉल में संचालित कोचिंग प्राइमरी स्कूल का संचालन कोचिंग भवन में किया जा रहा है, और भवन के अभाव में विद्यार्थियों को कई विद्यार्थियों का सामना करना पड़ रहा है।
इंजीनियर की फैक्ट्री से भवन अधूरा
कोरबा में इंजीनियर की एसोसिएट के कारण प्राइमरी स्कूल का भवन पूरा नहीं हो रहा है। पूर्व सरपंच द्वारा दिए गए पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इंजीनियर निर्माण कार्य का आकलन नहीं कर रहा है। भवन अधूरा रह गया है। इस मामले में प्रशासन को ध्यान देने की सलाह दी जाती है ताकि नौनिहालों का भविष्य सुरक्षित रहे।
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पहले प्रकाशित : 12 सितंबर, 2023, 13:07 IST
