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कुछ देर तो दूर, इस साइलेंट किलर से…शरीर का एक-एक अंग कर देगा बुरा!


विशाल झा/गाजियाबाद। आज के दौर में ज्यादातर लोग अपना ज्यादातर समयसामग्री के साथ बिताते हैं। मोबाइल फोन से लोगों में इतना बड़ा प्रेम हो गया है कि हर समय मोबाइल के पास उनका ही बोलबाला रहता है। वहीं ज्यादातर लोग इसे अपने तकिए के पास रख कर बोलते हैं। लेकिन किसी भी चीज की जरूरत से ज्यादा उसका विनाश हो जाता है। जी हां, अगर आप अपने फोन के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताते हैं तो यह आपके लिए आदर्श साबित हो सकता है। इसी कारण अब मोबाइल को साइलेंट किलर भी कहा जाने लगा है।

मनोचिकित्सक डॉ. गौतम अरोड़ा ने बताया कि मोबाइल रात भर चार्ज होने से हाईट-अप हो जाता है। ऐसे में फोन में सबसे ज्यादा हीट होने से आग लग सकती है। जिससे आपको खतरा हो सकता है. मोबाइल से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स खराब हो जाती है जिसका दिमाग ठीक नहीं होता है। अगर ज्यादातर समय तक ये वेव आपके आस-पास रहता है तो बिहे वीर में बदलाव आना स्वाभाविक है। इसलिए अपने सिर के पास रख कर फोन पर रात भर चार्ज नहीं करना चाहिए।

इन प्रोटोटाइप का सामना करना पड़ सकता है?
डॉ. गौतम अरोड़ा ने बताया कि यदि आप बगल में फोन करते हैं और उस पर चेतावनी देते हैं तो आपकी नींद में खल्लाल डालेगा और नींद की बीमारी से आपको कई सारी शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। अगर नींद अच्छे से पूरी नहीं होती तो अगले दिन आप अपना काम ठीक से नहीं कर पाएंगे। पूरे दिन तेंपरेरी वीकनेस स्टे और साइकोलॉजी की क्षमताएं प्रभावित करती हैं। इसके अलावा फोन में ब्लू लाइट एमिशंस होता है जो हमें डिस्टर्ब करता है इसलिए उसे दूर रखना चाहिए।

कितना दूर फोन सुरक्षित रखना होगा?
सैटेलाइट समय फ़ोन को दूर रखना चाहिए। जहां तक ​​संभव हो तो उसे 1 मीटर की दूरी से अधिक दूरी पर रखना सुरक्षित माना जाता है। क्योंकि अगर फोन आपके बगल में रखा हुआ है तो जाने अनजाने में आपका हाथ फोन चालू हो जाता है और फिर आपका स्लीपिंग एसिडिटी डिसर्ब होता है। साथ ही फोन को चार्ज करने के लिए स्पीकर हमेशा ऐसी जगह पर रखें, जिसके आसपास कोई ज्वलनशील वस्तु न हो।

देर रात तक फ़ोन के परिणाम
देर रात फोन करने से हमारे स्ट्रेस में भारी वृद्धि होने की आशंका है और यह इम्युनिटी सिस्टम भी नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है। पूरे दिन में बहुत कम भूख लगती है. ब्रिथिंग माल्ट से लेकर हाई ब्लडप्रेशर और कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य का भी खतरा बढ़ जाता है।

टैग: गाजियाबाद समाचार, स्वास्थ्य समाचार, जीवन शैली, स्थानीय18, उत्तर प्रदेश समाचार हिंदी



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