उत्तर
भारत में साइबर फ्रॉड के मामले बहुत बढ़ गए हैं।
वीडियो कॉल से फ्रॉड का नया माध्यम साइबर मार्केट में आया है।
व्हाट्सएप वीडियो कॉल घोटाला: जैसे मेडिकल मार्ट फोन से बच्चे बढ़ रही हैं, वैसे ही परेशानियां भी बढ़ रही हैं। बड़ी दिक्कतों में लोगों के हाथ में मोबाइल मार्ट फोन और ऑफलाइन की सुविधा से साइबर फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग कभी ओटीपी तो कभी कोई फ्रॉड लिंक के मध्योग्यम से अपने जालसाज लोगों को लूटते रहते हैं लेकिन आपको बता देते हैं कि साइबेरिया का बाज़ार अब एक नई तकनीक आ गई है और यह इतनी खतरनाक है कि आप इस पर शक भी नहीं कर पाएंगे और बेहद आसानी से अपना पैसा लूट लेंगे।
साइबर क्राइम के क्षेत्र में अब व्हाट्सएप या मयंक किसी सोशन प्लेलेट फॉर्म पर वीडियो कॉल के माध्यम से अविश्वास का उपाय अलग-अलग जा रहा है. खास बात यह है कि आपके सामने वीडियो कॉल पर कोई भी अज्ञात व्यक्ति नहीं बल्कि आपकी बात जाना जाता है। वह आपसे जरूरतमंद पैसे मांगता है और आप वीडियो कॉल पर देखकर विश्वास कर लेते हैं और पैसे भेज देते हैं। बस बाकी आप शेयरधारकों के शिकार हो जाते हैं।
फ़्लोरिडा में आये लाखों की संख्या के मामले
फ़्रांसीसी पुलिस के साइबर क्राइम एड दारुलकर किसलय चौधरी ने लिखा है कि पिछले एक महीने में वाइडहाट्स में फ़्लोरिडा के कई वीडियो कॉल से फ़्रांसिडेंट के मामले सामने आए हैं। एक मामले में महिला को व्हाट्सएप पर नए नंबर से वीडियो कॉल आई, सामने से उसके पति की तस्वीर और आवाज आई, उसने तुरंत दो लाख रुपये ट्रांसफर करने की बात कही, महिला ने कर दिया।
वहीं एक 85 हज़ार का मामला भी हुआ, जिसमें साइबर फ़्रॉड के पीड़ितों को उनके बेहद करीबी कट्टरपंथियों के साथ वीडियो कॉल आई और 85 हज़ार की संख्या में स्टार्स शामिल थे। ऐसे कई और मामले भी आये हैं. खास बात यह है कि वीडियो कॉल करने पर लोग आसानी से भरोसा ही नहीं कर पाते बल्कि मोटी रकम भी पोस्ट कर देते हैं।
कैसे बनी रही रियल एस्टेट का ये जाल
किसलय के छात्र हैं कि साइबर क्रिमिनल या ठग सबसे पहले सोशल मीडिया से किसी भी ऑनलाइन गेम के बारे में पूरी जानकारी रखते हैं। उनके करीबियों का पता के बाद पो पुर्तगाल पर कमेंट और एस्टाव्हार को पढ़ा जाता है। उसके बाद किसी का चेहरा और आवाज नत्था कर आर्टिफिशियल साइंसेज के मधयोमतीम से उस चेहरे से, जिसके साथ प्रतिष्ठित किया जाता है, उसका नंबर टेक्नोलॉजीकर उसे वाट्सएप कॉल करता है।
ट्रैक्स नहीं पहिचान सीट लोग?
चौधरी कहते हैं कि हैकर या ठग कोई भी उस व्यक्ति से एक नाख़ून प्रार्थना और टूटे हुए टुकड़े में खाना बना सकता है यह बेहद आसान है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिनमें ऐसे लोगों को भी शामिल किया गया है जो इस दुनिया में नहीं हैं। इसी आर्टिफिशियल एसोसिएशन टेक्नोलॉजी के माध्यम से बेहद आसानी से वीडियो कॉल पर हैकर लोगों के चेहरे और वॉयस वीडियो कॉल में प्रस्तुति कर लेते हैं।
एकजुटता से बचने का सिर्फ ये है एक तरीका
किसलय का कहना है कि हमेशा नए नंबर से कॉल करने की बात होती है। यदि आप अपने पति, पुत्र, पुत्री, साध्य या अध्यापक के साथ वीडियो कॉल कर रहे हैं तो एक नया नंबर देना होगा। ऐसे में अगर आपके पास कोई नया नंबर सेव्ड है, तो उनका वीडियो कॉल किसी नए नंबर से आता है तो सावधान हो जाएं और कभी भी पैसे न दें। एक बात हमेशा जारी रहती है कि अगर ऐसी कोई वीडियो कॉल आ रही है तो हमेशा इस कॉल को पहले उस नंबर पर सामान पर कॉल करें और जानकारी लें, उसके बाद ही पैसे ट्रांसफर करने के बारे में जानकारी दें।
भारत में ये है साइबर ठगों का गढ़
हाल ही में आई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में सबसे ज्यादा… साइबर जामताड़ा या मेवात से नहीं बल्कि राजस्थान के जूनून से किया जा रहा है। देहरादून (आईआईटी कानपुर) से जुड़ी संस्था ‘डी फ्यूचर क्राइम रिचर्स फाउंडेशन’ (एफसीआरएफ) की ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि जूना से 18 फीसदी मामले के नतीजे यहां दिए जा रहे हैं, वहीं यूपी का दूसरा नंबर भी है।
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पहले प्रकाशित : 19 सितंबर, 2023, 18:24 IST
