अभिनव कुमार/दरभंगा: बारिश के मौसम में कचेरी और बेरल का स्वाद हर कोई लेना चाहता है। पर यहां सितारों का शाम के समय का इंतजार किया जाता है। ₹2 पीस मिलने वाली इस ब्लू कलर को खाने के लिए शाम के वक्त विजिट की भीड़ लगी रहती है। बताया गया है कि इस नेटवर्क को बनाने से पहले कई सारी सामग्रियों का आबनूस विश्लेषण तैयार किया जाता है। उसके बाद बैंगन को साइंटिस्ट से मिलाकर डुबाया जाता है, उसे फिर से टाल दिया जाता है, जिसके कारण इसका स्वाद और भी ज्यादा बढ़ जाता है।
खासतौर पर इस ब्यूटीफुल के लिए इस दुकान पर शाम के वक्त विश्विद्यालयों की भीड़ काफी होती है। बेरल के साथ आपको प्याज प्याज और हरी मिर्च भी मिलती है। रतनजोत मंडल से बात की तो उन्होंने बताया कि यहां पर बहुत सारे सामान हैं। शाम के वक्त सिर्फ बेरल खाने के लिए पर्यटकों की भीड़ लग जाती है। बेरलके साथ मुरही भी दी जाती है. यहां 1200 पीस लोगबडे खा जाते हैं।
धनिया, अदरक, लहसुन से बने चिप्स
वैल्युएस्ट मंडल ने बताया कि बेर्ले के साथ भी काम किया जाता है। धनिया पत्ती, काली मिर्च, अदरक और लहसुन से बनी हुई चीजें हैं। यह बेरलकी अच्छी खासी बिक्री चल रही है। रतन मंडल की यह दुकान बहादुरपुर खण्ड क्षेत्र के विक्रय चौक पर स्थित है। जिस स्थान पर यह दुकान स्थित है वहां चारों ओर के रास्ते मिलते हैं। यही वजह है कि शाम के वक्त यहां अपने बेरंग खाने के लिए सपनों की लंबी भीड़ लगी रहती है।
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पहले प्रकाशित : 20 सितंबर, 2023, 19:13 IST
