
राहुल द्रविड़
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ समय से एक सवाल उठ रहा है। कई भारतीय अभ्यारण्य, क्रिकेट हॉस्टल के मन में भी यह प्रश्न पत्रिका रहती है। यह सवाल है टीम इंडिया के अंदर शामिल होने जा रहे पार्ट टाइम पोर्टफोलियो को लेकर। एक समय की टीम में सचिन, गोवा, गोवा, सौरव, संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे 5वें, छठे और 7वें टीम के सदस्य मौजूद थे। इन दिनों टीम के पास ऐसी चार की कमी हो गई है। बल्लेबाजों के शुरुआती दौर में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी भी शामिल थे, लेकिन अब ऐसा देखने को नहीं मिलता है। भारतीय टीम के फाइनलिस्ट कोच और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने बयान दिया है।
भारतीय टीम क्रशर पिछले कुछ साझीदारों से स्टॉकिंग्स पर मुख्य फोकस कर रही है। वहीं समुद्र में गहराई के तीन विकल्प मौजूद थे, जिसमें टीम की अलग-अलग गहराई में काफी गहराई देखने को मिली थी। इन दिनों भारतीय टीम के खिलाड़ी अक्षर पटेल या वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी लेकर बेताब रहते हैं क्योंकि बल्लेबाज इसलिए इतने बिक नहीं रहे हैं और पुचल्ले बल्लेबाज बस्ट से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में इनप्लेट बनाने के लिए इन प्लेयर्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। टीम इंडिया के प्रमुख कोच राहुल द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे के पीछे एक बड़ी वजह बताई है।
इस कारण से नहीं मिल रहे पार्ट टाइम के कर्मचारी
राहुल द्रविड़ ने इस मुद्दे को लेकर कहा कि, मुझे लगता है कि इस तरह के नियम परिवर्तन की वजह से यह संभव है। अचानक से ही आप कैमरे के अंदर चार फील्डर्स से पांच फील्डर्स को रखना चाहेंगे। मुझे लगता है कि इस पार्ट टाइम के कलाकारों की मिडिल ओवर्स में शामिल होने की क्षमता में बदलाव हुआ है। अगर आपको याद है करो और सचिन, सौरव, विशाल, युनाइटेड किंगडम, रेयान की प्लांक का ज़िक्र इस चरण में करो तो इनमें से अधिकतर खिलाड़ियों ने तब प्लायडन किया था जब सर्कल में केवल चार फील्डर होते थे। आज की स्थिति में आप पार्टी टाइम के लिए तैयार हो सकते हैं और हमारे साथ ऐसा नहीं हुआ बल्कि काफी मजबूत स्थिति ने ऐसा किया। यदि आप ध्यान दें तो अन्य टीमों के समय में भी पार्टियों की संख्या में कमी आई है। ऐसा सिर्फ भारतीय टीम में ही नहीं हुआ है।
अंतिम एक्शन में डूबे थे ये बल्लेबाज
बता दें कि कुछ साल पहले मुंबई इंडियंस के मैच के दौरान सूर्यकुमार यादव को आपको बॉलिंग एक्शन के लिए बुलाया गया था, जिसके बाद उन्होंने कभी बॉल नहीं डाली। उनका पहला शिखर सम्मेलन कभी-कभी ऑफ स्पिन किया जाता था लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्हें भी संदिग्ध एक्शन के लिए बुलाया गया था और इसके बाद उन्होंने बिल्कुल बंद ही कर दी।
वहीं अगर प्रस्थान समय की बात करें तो सचिन सावंत ने 154 विक्रय मूल्य निर्धारित किया है। सौरव बटलर ने भी 100 विकेट झटके और युराजन सिंह की ओर से भारत को 2011 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। युवा ने 111 विकेट हासिल किये। ये सभी स्पेशलिस्ट बैटर भी थे जो टॉप फाइव में बैटिंग करते थे। इसके अलावा क्रिकेटर ने भी 96 विकेट और सुरेश रैना ने 36 विकेट अपने नाम किये।
(इनपुट पीटीआई)
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