
भारतीय प्रधानमंत्री, नेपाली राष्ट्रपति प्रचंड और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग।
नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड की चीन यात्रा: नेपाल के पुश नामांकित कमल दहल ‘प्रचंड’ 23 सितंबर को चीन की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। वे यहां 7 दिन तक मिले। लेकिन प्रचंड की इस चीन यात्रा से ठीक पहले भारत और नेपाल के बीच ‘इलेक्ट्रिसिटी’ को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। भारत और नेपाल में बिजली के कारोबार को बढ़ावा देने पर सहमति जताई गई है और इसके लिए कई मिशालें खोली जाएंगी। इस सहमति से चीन को मिर्ची की दुकान। यह डर सता रहा है कि नेपाल, अमेरिका और भारत, चीन को घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं इलेक्ट्रिसिटी एक्ट्रैक्ट से भारत को फायदा होगा। नेपाल को भी बिजली गठबंधन से आर्थिक लाभ होगा।
200 इलेक्ट्रॉनिक्स बिजली वृद्धि पर हुई सहमति
‘काठमांडू पो स्टार’ के अनुसार संयू क्रैटिक टेक्नॉलजी कमेटी की 14वीं बैठक में ढालकेबार-मुजफ्फरपुर रेलवे लाइन के जरिए बिजली पार को बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स के इलेक्ट्रॉनिक्स को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। एकांत के अनुसार ढालकेबार-मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के माध्यम से 800 गांवों को 1000 गांवों तक पहुंचाने पर सहमति बनी है।
नेपाल में चीन के राजदूत ने कसा था तंज, अब मिर्ची
भारत और नेपाल के बीच यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है जब नेपाल की कंपनियां जा रही हैं। चीन के नेपाल में राजदूत ने कहा कि भारत के साथ नेपाल की बढ़ती रफ़्तार पर पिछले दिनों जापान का असर पड़ा था। चीन को भारत और नेपाल के बीच दोस्ती रास नहीं आ रही है। वहीं भारत के साथ नेपाल के जरिए इस ताजा एकांत को बिजली के टुकड़े को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। बिजली का वादा था प्रचंड के हाल के समय में भारत दौरे के दौरान।
एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में मौजूद एग्ज़ेबे प्रचंड
उत्तर, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रचंड, चीन के पूर्वी शहर हांगझोउ में 19वें एशियाई खेलों के उद्धघाटन समारोह में भी शामिल होंगे। नेपाल के विदेश मंत्री नारायण प्रकाश सउद के साथ प्रचंड अब्दुल्ला संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र में शामिल होने के लिए अमेरिका गए हैं, जहां से वह 23 सितंबर को चीन की अपनी आधिकारिक यात्रा के लिए रवाना होंगे। प्रचंड के आधिकारिक बयान में नेपाल सरकार के विदेश मंत्री चीन सउद, जल आपूर्ति मंत्री महेंद्र राय यादव, भौतिक विज्ञान एवं परिवहन मंत्री प्रकाश और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शंकर दास बैरागी समेत कई मंत्री शामिल हैं। बयान के मुताबिक, चीन की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री प्रचंड की हांगझोउ में शी जिंपिघ से मुलाकात होगी। प्रचंड ने अपने समकक्ष लींग से मुलाकात की और बीजिंग में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के प्रमुखों से मुलाकात की।
