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भारत के नरसंहार अब कनाडा में नेता बनने की जुगाड़ में, गुरुद्वारों पर हावी होकर जंग, हो सकते हैं और हत्याएं


नई दिल्ली. कनाडा में एक और खालिस्तानी हमलावर सुक्खा दुनके के विरोधी गिरोह ने गोली मारकर हत्या कर दी। इससे पहले इस गैंग के कथित मुखिया हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे गुरुद्वारों पर विचा की लड़ाई को लेकर हुई रिपुदमन सिंह आमिर की हत्या की वजह बताई जा रही है। गुरुद्वारों पर विक्टोरा की लड़ाई दो गैंग के बीच थी, जिसमें एक रिपुदमन सिंह अमीर और दूसरा हरदीप सिंह निज्जर का था।

गुरुद्वारों पर विक्टोर की लड़ाई को लेकर रिपुदमन सिंह अमीर और हरदीप सिंह निज्जर ने अपना-अपना गैंग बनाया था। इन गैंग में भारत से भाग कर पाकिस्तान और कनाडा आदि देशों में व्यापारी छुपने वाले और मछुआरों को पनाह दी गई थी। दिलचस्प बात यह है कि अपराधी और अपराधी अर्शदीप डल्ला और गोल्डी बाराड अलग-अलग गैंग में हैं। इन फिल्मों के अलावा कनाडा में भारत से भाग कर छुपे हुए अपराधी सनावरन ढिल्लों, चरणजीत सिंह, रमनदीप सिंह रमन जज, सतवीर सिंह वारिंग, गुरपिंदर सिंह नीबा बाबा शामिल, लखबीर सिंह लिंडा, सुखदुल सिंह नी सुक्खा आदि गैंग में शामिल थे हैं.

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भारत से भागकर कनाडा उत्तरी नरसंहार
यह सभी हमले और अपराधी पहले भारत में थे और उसके बाद दूसरे देशों में कनाडा में हुए थे। वे एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं। जिसमें एक गैंग से दूसरे गैंग में शामिल होने की फिल्म भी रिलीज हो रही है। वजह से एक गैंग की खबर दूसरी गैंग की कॉन्स्टेंसी जारी। गुप्तचर प्राधिकरण का मानना ​​है कि यही कारण है कि दोनों गिरोह के प्रमुखों की जानकारी एक दूसरे गिरोह से मिलने के कारण दोनों की हत्या हुई। इसके बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा में आतंक मचाने वाले हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की कथित जिम्मेदारी लेते हुए भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी पर हमले की कोशिश की। इन जीवित अपराधियों-अपराधी गठजोड़ को यह लगा कि यदि वे आने वाले चुनाव के पहले गुरुओं पर पूरी तरह से अपना कब्ज़ा कर लेते हैं तो वह कनाडा में एक नेता के रूप में उभर सकते हैं।

जस्टिन ट्रूडो की तरफदारी के बाद लड़ाई तेज हुई
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की तरफ से जाने के बाद दोनों गैंग के बीच विक्टोरा की लड़ाई और तेज हो गई। जिसका परिणाम सुक्खा की हत्या के रूप में सामने आया। सॉसेज सुक्खा डंके साल 2017 में कनाडा में नकली पासपोर्ट गया था। भारतीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अलावा पंजाब पुलिस की भी मोस्ट वांटेड लिस्ट में यह शामिल था। भारतीय पुरातत्व ने समय-समय पर कनाडा की मस्जिद और कनाडा प्रशासन को यह जानकारी भी दी थी कि उनके यहां नरसंहार गठजोड़ बढ़ रहा है। लेकिन कथित राजनीतिक लाभ की लालसा के चलते वहां के प्रशासन ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया. आने वाले दिनों में इस गैंगवार में और भी हत्याएं हो सकती हैं।

टैग: कनाडा, खालिस्तानी आतंकवादी, सिख, सिख समुदाय



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