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मिठाई खाने का करे मन तो यहां, 1996 से लोगों की पहली पसंद, दुकान भी है खास


अविश्वासी आजमी/देहरादून। राजधानी के नेहरू कॉलोनी में राहुल नाम है, जो वर्ष 1996 से यहां है। इनमें से यहां पनीर, दही से लेकर मिठाइयां तक ​​का स्वाद लोगों को काफी पसंद आता है. राहुल डेरी के गरमा गरम समोसे खाने के लिए लोग दूर-दूर से यहां आते हैं. राहुल राणा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उनके पिता मुकेश राणा पहले डेयरियन्स के लिए काम करते थे। उन्होंने बताया कि उनके पिता डेरीयन्स के लिए मिल्क शॉफ्ट का काम करते थे। इसके बाद 1993 -94 में उन्होंने अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला लिया।

उन्होंने बताया कि उनके पिता ने 1996 में एक छोटी सी दुकान के रूप में बिजनेस शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने मिठाई और स्नेक्स बीयर्स में काम करना शुरू कर दिया। खासकर उनके समोसे काफी ज्यादा पसंद किये जाते हैं. अन्य सामग्रियों में लोगों की रुचि को देखते हुए मुकेश राणा ने अपने साथ रेस्तरां भी शुरू कर दिया है, अब वह न सिर्फ पनीर, दूध, दही अपनी डेरी के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं, बल्कि उनके यहां की मिठाइयां, समोसे, चाट भी लोग खूब पसंद करते हैं। पसंद आते हैं.

इस तरह पिता के बिजनेस को आगे बढ़ाया बिजनेस
राहुल ने बताया कि उनके पिता ने बहुत मेहनत की और यह बिजनेस खड़ा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ग्राफिक एरा से और उनके भाई ने बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से दाखिला लिया था। उनके बाद डॉक्टर और अन्य कंपनी में नौकरी न कर अपने पिता के बिजनेस को ही आगे बढ़ाने की सोची ने इस काम में छूट दी। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनके पिता की सेक्स स्टोरी से लोग प्रेरणा लेते हैं।

ख़ूब कर रहे हैं उत्पाद का उत्पाद
उनका कहना है कि हम अपने पिता के इस बिजनेस को और आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। आगे उन्होंने बताया कि हमारे यहां के उत्पादों को पसंद किया जाता है कि हम कहीं बाहर से कोई उत्पाद नहीं लेते हैं, बल्कि अपना ही उत्पाद बनाते हैं। उन्होंने बताया कि वैसे तो हमारे यहां के नकली उत्पाद काफी पसंद किये जाते हैं।

व्युत्पत्ति को देखना है wait
लेकिन समोसे के लिए हमारे यहां लोगों को 15-20 मिनट तक का इंतजार रहता है. उन्होंने बताया कि राहुल ब्रांड, सभी ब्रांड्स प्रोडक्ट्स के साथ-साथ मिठाइयाँ, जिनको ऐसी मिठाइयाँ भी मिलती हैं, जो लोग इतनी रेंज में नहीं दे पाते। इनमें से यहां के छेना खेड, रसमलाई और गुलाब जैमीन काफी पसंद किए जाते हैं।
क्या कहा है राहुल गांधी ने?
यहां खरीदारी करने आए आर डी थपलियाल का कहना है कि यह दुकान काफी पुरानी है, जो पहले थोड़ी दूर थी लेकिन अब यहां स्थानांतरित हो गई है। उन्होंने बताया कि वह यहां पिछले 7 सामुद्रिक से मीठे पदार्थ के टुकड़े ले रहे हैं और उनके यहां के समोसे भी बहुत अच्छे बिक रहे हैं। जहां आप बड़ी सी दुकान देख सकेंगे वहां जा सकते हैं।

टैग: देहरादून समाचार, खाना, भोजन 18, स्थानीय18



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