अविश्वासी आजमी/देहरादून। एक वक्त था जब दुनिया भर के लोगों को सिर्फ एक ही तरह के मोमोज खाने के लिए कहा गया था। लेकिन आज तरह-तरह के मोमो भंडारों में जगह-जगह पर बनाए जा रहे हैं लेकिन कई लोग जो प्योर वेजीटेरियन होते हैं। वह बाहर के कुछ भी खाने में जिम्मेदारी निभाते हैं लेकिन ऐसे लोगों के लिए हम एक ऐसी दुकान का पता बताने वाले हैं। जहां 100 शुद्ध शाकाहारी लजीज मोमोज उपलब्ध हैं।
यहां कई तरह की अस्वाभाविक के मोमो शामिल हैं जिनमें फिंकी मोमो, अचरी मोमो, कुकुरे मोमो, हरी मोमो शामिल हैं। मेमोरियल के नेहरू कलिया में अंगीठी मोमो रेस्तरां साल 2015 से लोगों के दिल में अपने बेहतरीन स्वाद की जगह बने हुए हैं।
खुशबू से ही खींचे चले आते हैं लोग
‘सिटी ऑफ लव’ कंपनी के लोगों को अगर सबसे ज्यादा कोई पसंद करता है तो वह मोमो ही हैं। जी हाँ, मेमोरियल के लोगों को मोमो बहुत पसंद होते हैं। हो भी क्यों न, यहां के मोमो में बात ही कुछ ऐसी है कि अगर कहीं मोमो बन रहा हो और कोई इंसान वहां से गुजर रहा हो, तो उसके यकीन से ही लोग बंदे चले आने पर मजबूर हो जाते हैं.
तंदूर फ्लेवर में शामिल हैं मोमोज
फूड स्ट्रीट पर बाहरी लोगों को खाना बहुत पसंद आता है लेकिन सबसे ज्यादा लोग यहां मोमो खाना पसंद करते हैं। कई जगहों पर तरह-तरह के मोमो बनाए जा रहे हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसी दुकान के बारे में बता रहे हैं, जहां आपको तंदूर के स्वाद के साथ कई तरह के मोमो खाने के लिए मिलेंगे। हम बात कर रहे हैं चॉकलेट की अंगीठी मोमो की।
एसोसिएशन के धर्मपुर में इस रेस्तरां के मोमो खाने के लिए लोग यहां खान्दे घूमने आते हैं। अगर अंग्रेजी रेस्टोरेंट की बात करें तो यहां आपको तंदूरी मोमो, चीज़ मोमो, अफ़गानी मोमो, अचारी मोमो, पनीर मोमो, मसाला मलाई मोमो, मलाई पनीर मोमो जैसे कई तरह के मोमो मिल जाएंगे।
2015 में रेस्टोरेंट की शुरुआत हुई
अंगीठी रेस्टोरेंट के मालिक गौरव ने बताया कि साल 2015 में उन्होंने इस रेस्टोरेंट की शुरुआत की थी, जहां उन्होंने तंदूरी मोमो लोगों को खाना खिलाना शुरू किया था. जब लोगों को यह पसंद आया तो उन्होंने इसके लिए कई वैरायटी बनाने के नए-नए एक्सपेरिमेंट किए और कई तरह के मोमो बनाना शुरू कर दिया। लोगों को यह बहुत पसंद आता है कि यहां लोग सिर्फ कार्गो से ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों जैसे गांवों के पहाड़ों से लेकर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से भी लोग आते हैं।
दक्षिण भारतीय रोग भी अवलेवल हैं
उन्होंने बताया कि ये यहां पर शाकाहारी, नाथ भारतीय और दक्षिण भारतीय व्यंजन हैं, लेकिन इनकी खासियत तंदूरी फ्लेवर है यानी तंदूरी मोमो ज्यादातर लोगों की पहचान है। यहां आए मनीष ने बताया कि जबसे यह दुकान शुरू हुई तबसे वह यहां के मोमो खा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह बचपन में स्कूल के दोस्तों के साथ यहां आते थे और अब कॉलेज के दोस्तों के साथ यहां आते थे और अब कॉलेज के दोस्तों के साथ यहां आते हैं क्योंकि उन्हें यहां का टेस्ट सबसे अलग लगता है।
वहीं यहां के अफगानी मोमो का स्वाद लेने आए नवोन्वेष का कहना है कि वह भी काफी समय से यहां के मोमो लेकर आए हैं. उन्होंने कहा कि यहां के विदेशी मोमो और मलाई चाप उन्हें बहुत पसंद हैं. उनका कहना है कि यहां उन्हें शुद्ध शाकाहारी और लजीज कई वैरायटी में मोमो मिलते हैं.
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पहले प्रकाशित : 22 सितंबर, 2023, 18:04 IST
