उत्तर
अल्जाइमर की वजह से लोगों की स्मृति सप्ताह मनाया जाता है।
इस बीमारी के कारण ब्रेन डैमेज होना शुरू हो जाता है।
अल्जाइमर रोग के लक्षण और उपचार: छोटी-छोटी बातें भूलने की परेशानी का सामना ज्यादातर लोग करते हैं। कई लोगों की यह समस्या काफी बढ़ गई है और वे अपने दैनिक साथियों का भी ध्यान नहीं रख पाते हैं। आसान भाषा में कहें तो कई लोगों की याददाश्त ख़राब हो जाती है. ऐसा अक्सर युवाओं के साथ होता है, लेकिन मेट्रिक युवा भी भूलने की परेशानी से घबराते हुए नजर आते हैं। -बात पर नीवे को भुलाया जा सकता है, लेकिन यह किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। अल्जाइमर (अल्जाइमर) एक ऐसी ही बीमारी है, जिसमें लोगों की याददाश्त खराब हो जाती है। आमतौर पर यह बीमारी हिमाचल में अधिकतर उम्र के लोग आते हैं। अब सवाल है कि युवाओं को अल्जाइमर का कितना खतरा होता है। आज विश्व अल्जाइमर दिवस (विश्व अल्जाइमर दिवस) के मौके पर न्यूरोलॉजिस्ट से अल्जाइमर से जुड़ी जरूरी बातें जान लें।
नई दिल्ली के मूलचंद हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज कुमार के अनुसार अल्जाइमर ब्रेन से स्ट्रोक एक प्रोग्रेसिव न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर होता है। इस विकार की वजह से लोगों की याददाश्त काफी ख़राब हो जाती है। इस बीमारी से जुड़े लोग अपनी दैनिक जरूरतों की जरूरतों को भी भूल जाते हैं। जब यह बीमारी बुरी तरह फैलती है, तब लोग अपने घर का पता भी भूल जाते हैं। ऐसे में जिंदगी बेहद मुश्किल हो जाती है. अल्जाइमर डाइमेंशिया का सबसे सामान्य प्रकार होता है। इस बीमारी से ब्रेन स्ट्रक्चरल लगता है और ब्रेन सेल्स डैमेज होना शुरू हो जाता है। अल्जाइमर की वजह से लोगों की विचारधारा-समझ और व्यवहार की क्षमता खत्म हो रही है। वे सामाजिक सहयोग में भाग नहीं ले पाते और कई बार बातचीत के दौरान परेशानी महसूस करते हैं। इस बीमारी का सही इलाज से कुछ हद तक राहत मिल सकती है, लेकिन अल्जाइमर बीमारी को पूरी तरह से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है।
अल्जाइमर डिजीज के प्रमुख लक्षण
– हाल की बातचीत या घटनाओं के बारे में भूल जाना
– नीड की एनी को गलत जगह पर रखना
– बार-बार जगह और जगह का नाम भूल जाना
-बातचीत करने में काफी परेशानी हो रही है
– बार-बार प्रश्न पूछना, निर्णय न ले पाना
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किस उम्र के लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?
डॉ. नीरज कुमार कहते हैं कि अल्जाइमर की बीमारी का सबसे बड़ा खतरा बुजुर्गों को होता है। इस उम्र में बड़ी सहजता में लोग इस खतरनाक बीमारी का शिकार हो जाते हैं, जिसके बाद यह बीमारी धीरे-धीरे-धीरे-धीरे धीरे-धीरे निवास करती है। 90 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं को इस बीमारी का खतरा 50 प्रतिशत होता है। 80 से 90 वर्ष की आयु के लोगों में अल्जाइमर होने का खतरा 10 से 20 प्रतिशत होता है। 70 से कम उम्र के लोगों को अल्जाइमर का खतरा होता है। हालाँकि वर्कफ़्लो, ब्लड फ़्लोरिडा और जेनेटिक डिटेक्शन की वजह से युवा भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसके अलावा कई अन्य न्यूरोलॉजिकल फैक्टर भी इस बीमारी के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। अगर किसी को भूलने की बहुत ज्यादा समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर सलाह लेनी चाहिए।
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पहले प्रकाशित : 21 सितंबर, 2023, 11:02 IST
