बिट्टू सिंह/अंबिकापुर. सरगुजा कमांडर के सूरजपुर जिले में एक ऐसा गांव है हैं. जहां आज भी विकास के नाम पर लोग बताए गए हैं. इलाके में कुछ ऐसा गांव है, जहां आज भी आर्किटेक्ट रीचने से कोसन दूर है. रिवोल्यूशन ने बताया कि स्ट्रीट न होने की वजह से काफी पोर्टफोलियो का सामना करना पड़ता है. गाँव के सरपंच-शेखर ने बताया जब गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के लिए स्पाइसर को बुलाया जाता है, तब अब्राहम के ड्राइवर द्वारा रोड नहीं होने की वजह से ताल मटोल दिया कर जाते हैं. सड़क को लेकर कई बार प्रस्ताव वामपंथी शासन को भेजा गया, लेकिन आज तक कोई पहल नहीं हुई है.
सरपंच ने बताया कि एक तरफ पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. भारत चाँद पर पहुँच गया, लेकिन आज भी हमारे गांव में सड़क पर सीकेल्स जैसी कोई जगह नहीं पहुंची है. इसलिए यह पूरी पंचायत के लोगों ने आने वाले विधानसभा चुनाव में मतदान का पूरी तरह से वह निर्णय लेने का फैसला किया है. अगर चुनाव से पहले गांव की सड़क टूटी नहीं है, तो पूरे गांव के लोग आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं करना चाहेंगे.
बाघ-सूरजपुर के निशान क्षेत्र
जिला पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत पंचायत ग्राम बुढ़ाडाण्ड में वर्ष 2017 मे रोड पर मुरमीकरण किया गया था. उसके बाद कभी भी गांव में सड़क निर्माण की शुरुआत नहीं की गई, इसी वजह से गांव की सड़क पर पूरी तरह से अलग-अलग तरह की तस्वीरें हो गई हैं. रास्ते की वजह से शासन से मिलने वाली रेडी-टू-ईट डेरी-बेस्ड भोजन लेने वाली महिलाएं, बच्चे तक नहीं पहुंच पाते हैं.
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पहले प्रकाशित : 20 सितंबर, 2023, 12:55 IST
