लक्षेश्वर यादव/जांजगीर चांपा: संत सप्तमी व्रत हर मां को नई संतान प्राप्ति और अपने संतान की दीर्घायु और चिरंजीवी के लिए करता है। वर्ष प्रति यह व्रत भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल 22 सितंबर 2023, शुक्रवार के दिन यह व्रत संत सप्तमी के दिन भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजा की जाती है।
संत सप्तमी व्रत करने की विधि
व्रत करने के संबंध में बसंत महाराज ने बताया कि सप्तमी का व्रत के दिन माताएं अपने संतान के लिए व्रत-उपवास पूजा करती हैं। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है, इसके लिए खेड-पूरी और गुड़ से बने 7 पुए का भोग लगाया जाता है। पूजा में शंकर पार्वती की मूर्ति स्थापित करके पूजा की जाती है। पूजा के बाद 7 पुए को केले के पत्तों में उसे पूजा स्थान पर रखा गया और संत की रक्षा और विकास के लिए प्रार्थना करते हुए भगवान शिव की रक्षा की गई।
इस दिन विशेष रूप से अपने बच्चों की लंबाई और चिरंजीवी के लिए चांदी का गंडा (हाथ में लाइसेंस वाला आभूषण) ये गेज को 7 बार के हिस्सों वाले हाथों में पहना जाता है।
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पहले प्रकाशित : 22 सितंबर, 2023, 11:18 IST
