उत्तर
यदि आप डायबिटिक हैं तो आपके डायबिटिक वाले घटकों से अलग नहीं होना चाहिए।
मौसमी हरी सब्जी, मौसमी फल, साबूत अनाज, फलीदार स्टॉक में नारियल की मात्रा अधिक होती है
मधुमेह आहार योजना: अगर आपको कामर्स हो गए हैं तो बहुत ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है. लेकिन इसके लिए आपको डेडिकेशन की जरूरत पड़ेगी। यह डेडिकेशन भी बहुत जंग जैसा नहीं होगा बल्कि सिंपल सा फॉर्मूला अपनाना होगा। यह बात हम नहीं बल्कि हार्वर्ड मेडिकल इंस्टिट्यूट के रिजोल्यूशन का कहना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब स्टालिन ने काम किया तो कार्बोहाइड्रेट का अवशोषण नहीं हुआ। इस कारण ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। लेकिन यदि आपका अंतर्ग्रहण सही हो और आपकी सक्रियता में विश्वास हो तो आपको बहुत अधिक नुकसान नहीं होगा। हार्वर्ड मेडिकल का कहना है कि यदि आप मधुमेह से पीड़ित हैं तो आपको मधुमेह से पीड़ित मरीजों के लिए कोई भी उत्पाद अलग से नहीं देना चाहिए। जो सामान्य लोग सामान रखने के लिए बचत करते हैं, वहीं आपका भी अंत होना चाहिए। आइए जानते हैं मधुमेह से पीड़ित लोगों को क्या करना चाहिए।
कैसा हो मधुमेह संबंधी आदि
हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार मधुमेह को शामिल करना बहुत ही सरल है। इसके भोजन में हरी साबुत अनाज, साबुत अनाज, फलीदार बींस और लो फ़िट ब्रांड उत्पाद ही काफी हैं। इसके साथ ही आपको कार्बोहाइड्रेट सब्सट्रेट को नियंत्रित करना आवश्यक है। मतलब जिस चीज को खाने से कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ती है, उस चीज को खाना नहीं चाहिए और जिस चीज में ज्यादा कैलोरी रहती है, उसे भी खाना नहीं चाहिए। हालाँकि हमारे देश में यही समस्या है कि हम लोग अपने भोजन में कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा में लेते हैं। हमें प्रोटीन अधिक मात्रा में लेने से कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट कम होता है। फास्ट फूड, जंक फूड, क्रैकर फूड, सोडा, कोल्ड ड्रिंक, स्मोक्ड फूड, अल्ट्रा फूड फूड, सामान्य लोगों को भी नुकसान पहुंचाता है और डायबिटिक लोगों को भी नुकसान पहुंचाता है। हालाँकि ये चीज़ें बेटिक लोगों को अंतिम नुकसान डायाना शुरू कर देती हैं। इसलिए इन अनैच्छिक से लेकर सामान्य भोजन तक ही डायबिटिक शामिल है।
भोजन में अनाज का होना जरूरी
मधुमेह रोगियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने भोजन में ऐसी चीजों को अधिक मात्रा में शामिल करें। मौसमी जड़ी-बूटियाँ, समुद्री फल, साबूत अनाज, फलीदार पत्ते में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है और कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। सच्चा, हमारा शरीर भूखा को धीरे-धीरे डाइजेस्ट करता है। इसका मतलब यह है कि हमारे शरीर में जो शुगर लेगा उसका भी अवशोषण धीरे-धीरे होगा। इसलिए रक्त शर्करा भी धीरे-धीरे-मात्रा। अन्य दो तरह के होते हैं. एक सॉल्यूबल चारे दूसरा इंसुल्यूबल चारे।
साबुत अनाज में साबुत अनाज होता है जबकि बींस, ड्रिज मटर, ओट्स और स्टॉक्स में साबुत अनाज में साबुत अनाज होता है। सॉल्युबल ब्लड शुगर को कम किया जा सकता है क्योंकि यह संवेदनशीलता को बढ़ाता है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप सॉल्युबल सब्जी ज्यादा मात्रा में लेते हैं तो आपको साल्यूबल की दवा की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। यही कारण है कि कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि की गई है कि सिगरेट पीने से सिर्फ दिल की बीमारी का खतरा कम होता है।
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पहले प्रकाशित : 13 सितंबर, 2023, 06:40 IST
