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कनाडा के किशोर पढ़े नर्म! खालिस्तान सीमेंट पर सहमति, भारत विरोधी पोस्टर-बैनर हटाने के निर्देश


नई दिल्ली: खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत से मिले मुंह जुलूस के बाद कनाडा के आतंकी नर्म फिल्म निर्माता दिख रहे हैं। खालिस्तानी कट्टरपंथियों और कट्टरपंथियों के खिलाफ़ समर्थन भारतीय दबाव के बाद कनाडाई प्रशासन ने इसे बढ़ा दिया है। ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में खालिस्तान के समर्थन में महत्वपूर्ण स्थानों पर होर्डिंग और बैनर हटाने के निर्देश जारी किये गये हैं। खालिस्तानी शैतान ने अपने प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाते हुए जगह-जगह होर्डिंग और बैनर लगाए थे, ताकि लोग देखें और प्रभावित हों। लेकिन अब कब्रगाह निकाली जा रही है।

स्थानीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कनाडा के एक गुरुद्वारे में भारतीय गुर्गों की हत्या के आरोप वाले पोस्टर नीचे दिए गए हैं। दस्तावेजों के अनुसार, अधिकारियों को जारी की गई साइंटिस्टा और कैनेडियन धरती से आने वाले ऐसे निकाले जाने वाले लोगों की आमद का एहसास होने के बाद सारे गुरुद्वारे को तीन भारतीय सिद्धांतों की हत्या के दावे वाले पोस्टर के लिए कहा गया था। इसके साथ ही रेलवे प्रबंधन को चेतावनी दी गई है कि किसी भी कट्टरपंथी घोषणा के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल न किया जाए।

कनाडा में भारत विरोधी पोस्टर हटाने के निर्देश
ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के प्रमुख क्षेत्र जहां से भारत विरोधी प्रोपेगेंडा मटेरियल को हटाया जा रहा है वे हैं सेरे, गिल्डफोर्ड, न्यूटन और व्हेल। इसके अलावा कनाडा- अमेरिका के फ्लोरिडा में खालिस्तान समर्थकों को अपने प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में आपको कनाडाई कलाकार जस्टिन ट्रूडो की ओर से भारत में स्थापित बेतुके सहायक के बाद दोनों देशों के संबंध काफी तल्ख हो गए हैं। भारत ने कनाडा के वजीर आवेदनों को अस्थायी रूप से अलग कर दिया है।

कैसे शुरू हुआ भारत और कनाडा के बीच विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत 18 सितंबर को हुई, जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपने देश की संसद में बयान दिया कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि कैनेडियन की विचारधारा ने जो दर्शाया है उससे पता चलता है कि भारत सरकार की संरचना इसके पीछे है। ट्रूडो ने भारत पर कनाडा के संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी जमीन पर कनाडाई नागरिक की हत्या के पीछे किसी बाहरी देश का होना पूरी तरह से ठीक है। इसके बाद कनाडा ने भारतीय लोकतंत्र पवन कुमार राय को यहां से रवाना कर दिया। बता दें कि इसी साल 1 जून को कनाडा के सारे प्रांत में एक गुरुद्वारे की दुकान में अज्ञात छात्र ने फोटोग्राफर निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

भारत सरकार ने कनाडाई कलाकार ट्रूडो के पति को ‘बेटुका’ पद से हटा दिया। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, ‘इस तरह के आरोपों का कोई आधार नहीं है और जस्टिन ट्रूडो का दावा खालिस्तानी कट्टरपंथियों और चरमपंथियों से ध्यान हटाने की एक कोशिश है, जिसमें कनाडा में आश्रय शामिल है।’ ये खालिस्तानी हमलावर और चरमपंथी, भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरे बने हुए हैं। कनाडा के कई वकीलों ने खालिस्तानी कट्टरपंथियों और चरमपंथियों के प्रति नाम शामिल हैं, जो काफी चिंता का विषय है।’ इसके तुरंत बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कनाडा के एक शीर्ष नेता को वापस ले लिया और 5 दिनों के लिए देश के अंदर बाहर कर दिया।

भारत ने कैनेडियन के नागरिकों को प्रमुख पद पर रोक लगा दी
इस पूरे विवाद में कनाडा के उम्मीदवार ने भी जस्टिन ट्रूडो पर सवाल उठाए और भारत पर उनके द्वारा दिए गए सहयोगियों के पक्ष में तथ्य बनाए रखने की मांग कर दी। कनाडा की कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलिवरे ने कहा कि खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से भारतीय गठबंधन को जोड़ने के बारे में कनाडा सरकार को तथ्य सामने रखना चाहिए। दोनों देशों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि भारत ने 21 सितंबर को कनाडा के राष्ट्रपतियों पर रोक लगा दी। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी कहा कि कनाडा में हाल के दिनों में भारतीय राजनेताओं और भारतीयों द्वारा भारत विरोधी विचारधारा का विरोध किया जा रहा है। भारत ने कनाडा में अपने नागरिकों के लिए एड्री जारी की और संयुक्त राष्ट्र में जाने से बचने की सलाह दी, जहां ऐसी घटनाएं देखी गईं।

टैग: भारत विरोधी नारेबाज़ी, कनाडा समाचार, खालिस्तानी, खालिस्तानी आतंकवादी



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