आखिरी बड़कुल/दमोह: मप्र के अलग-अलग शहरों से आए दिन थाईराइड के मरीज परेशान हैं। इसी क्रम में दमोह जिले में भी लगातार थाइराइड के मरीज़ों को देखा जा रहा है। थायर आयोडीन हार्मोन्स के कम स्रावित होने से शरीर की चयापचय क्रियाएं धीमी गति से होती हैं। थकान, कंसल्टेंसी, होटल में स्टाफ़, वजन बढ़ना, त्वचा का रूखापन, बालों का टूटना, गले में खराश आदि लक्षण दिखते हैं। इस घरेलू विधि से हम समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
थाइराइड बीमारी से बचाव के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में हरे धनिये का उपयोग बताया गया है, जिसमें हरे धनिये को गर्म या गुणुने पानी में पाउडर पीने से रोगी को थाइराइड की समस्या से राहत मिल सकती है।
जहर कैंसर के लक्षण
वैसे तो बेकार कैंसर से कम ही लोग मरते हैं, लेकिन इसके बेकार कैंसर को देखकर आप मौत के करीब आ सकते हैं। विषाक्तता कैंसर कई प्रकार के होते हैं, जिनमें से कुछ इस स्वभाव के होते हैं कि तेजी से हड्डियों और शरीर के अन्य लक्षणों में शामिल होते हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा खतरा आपके फेफड़े को होता है।
डॉक्टर ने दी ये खास सलाह
आयुर्वेद चिकित्सा डॉक्टर दीप्ति नामदेव ने बताया कि थाईराइड बीमारी के लक्षण ज्यादातर महिलाओं में पाए जाते हैं, जिनमें बालों का टूटना, गले में खराश, जकड़न, जोड़ों में दर्द और थकान आदि थाईराइड के मुख्य लक्षण हैं।
हरा धनियां की राक्षसी फी जादूगर
यह बीमारी हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइडिज्म दो प्रकार की होती है। शरीर के टुकड़ों में दर्द होता है। इस बीमारी से ग्रस्त मरीजों में डुबलापन और मोटापा आना इसका मुख्य लक्षण है। साथ ही घर की रसोई में हरी धनियायां भी होती हैं, यहां शामिल हैं, साथी अवशेष, यूसुफ कुनकुने पानी में नासाकर पीने से इस बीमारी से बाहर मिल सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 25 सितंबर, 2023, 16:44 IST
