उत्तर
यह कैंसर अध्ययन को आरंभ करने के लिए अधिक प्रभावी माना जा रहा है,
आईआईएससी टीम ने बताया कि वह काफी छोटे आकार के हैं।
नया कैंसर आईआईएससी द्वारा अनुसंधान: भारतीय विज्ञान संस्थान (आईएसओएससी) के समूह ने कैंसर वैज्ञानिकों का सटीक पता लगाया और उन्हें मारने के लिए एक नया दृष्टिकोण विकसित किया है। इसके तहत साउंडवेव की मदद से कैंसर सागर का अर्ली डिटेक्शन किया जा सकता है और सोने व बेसिल के सल्लम पिरामिड से बने साइबेरियाई दांतों के साथ हीट का उपयोग कर कैंसर सागर को मारा जा सकता है। विशेष रूप से उन कैंसर कोशिकाओं को, जो ठोस द्रव्यमान ट्यूमर बनाने में मदद करते हैं।
द हिंदू पीपीआई की रिपोर्ट में कहा गया है, एआईओएस के सिद्धांतों में कहा गया है कि कैंसर से लड़ने के लिए अर्ली डिटेक्शन यीअसिस को जल्दी से जल्दी पता चल जाए और जल्द ही इसका इलाज शुरू हो जाए, यह बहुत जरूरी है। कोऑपरेशन सल्कोलैप्स में पहले से ही इसके डायग्नोस्टिक्स का उपचार किया जा रहा है, जबकि सोने के दार्शनिकों के कैमिकल्स का उपचार यहां किया जा रहा है, जो कैंसर के रोगियों के लिए और अधिक व्यापक माना जा रहा है, कैंसर अगर देखा जा रहा है. यही वजह है कि इस नए शोध में इन दोनों ने मिलकर युवाओं को एकजुट करने का निर्णय लिया।
सबसे खास बात है विशेषज्ञ का?
आईसीआईसी के उपकरण और एप्लाइड फिजिक्स (आईएपी) विभाग के सहायक प्रोफेसर जया प्रकाश उन्होंने कहा कि आतिशबाजी में फोटोथर्मल, आयोडीन युक्त मंदिर और फोटोकॉस्टिक गुण होते हैं। जब इन डिजिटल उपकरणों पर लाइटें डाली जाती हैं तो यह लाइट को पकड़ कर ले जाते हैं और गर्म कर देते हैं, जो कैंसर को मारने का काम कर सकता है। ये तीन कण एकल ऑक्सीजन परमाणु भी उत्पन्न होते हैं जो जहर की तरह होते हैं। ऐसे ही हम चाहते हैं कि ये दोनों शास्त्र कैंसर को मारने का काम कर सकें।
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इसलिए भी है खास
जिन विकसित सिद्धांतों का प्रयोग अब तक किया जा रहा है उनका बड़े आकार का कारण हर जगह उपयोग करना संभव नहीं है। आईसीओएससी टीम ने जिस किशोर के साथियों की बात की है उनका आकार काफी कम है जो कि इंजीनियर के रूप में अंदर से आसानी से यात्रा कर सकते हैं और ट्यूमर तक पहुंच सकते हैं। बेकार का फेल है कि आस्था का छोटा आकार होने की वजह से ये मानव शरीर में बिना जमा हुए आसानी से बाहर आ जाते हैं। बता दें कि नए अध्ययन में, स्ट्रेंथ ने वेल्क्रो में फेफड़ों के कैंसर और सरवाइकल कैंसर सेल के जनरल पर इन टेकनॉन का परीक्षण किया है और अब वे लैक्टेन के लिए डायनामिक्स के नतीजों को आगे ले जाने की योजना बना रहे हैं।
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टैग: कैंसर, स्वास्थ्य, जीवन शैली
पहले प्रकाशित : 13 सितंबर, 2023, 01:35 IST
