उत्तर
पुरुष ही नहीं महिलाएं भी भूलने की 40 के आसपास बढ़ रही हैं।
एम अलाउंस अल्जाइमर्स और डाइमेंशिया में योग के प्रभाव को लेकर प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है।
40 के दशक के पुरुषों में भूलने की बीमारी: भूल जाना एक सामान्य बात है. वहीं अगर 40-50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को बार-बार भूलने की आदत होती है तो उन्हें बुढ़ापे का लक्षण मान लिया जाता है। अगर आप भी ऐसे ही दिखते हैं तो सावधान हो जाएं. इस तरह भूलने की उम्र नहीं बल्कि आपके दिमाग में मौजूद गंभीर बीमारी के लक्षण भी हो सकते हैं। एक ऐसा रोग जो डिमेंशिया या अल्जाइमर के खतरनाक डेटाबेस तक पहुंच दे। 40 साल की उम्र के आसपास बढ़ रहे इस रोग में योग से हो रहे फायदे को लेकर रिसर्च- मदरसाडी करने जा रहे हैं, अगर आपमें भी इस बीमारी के लक्षण हैं तो आप इस रोग में योग से हो रहे फायदे को लेकर इस बीमारी के लक्षण देख सकते हैं। .
एम एनालाइफ़ के न्यू कंप्यूटरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर मंजरी त्रिपोली ऐसा माना जाता है कि शरीर के सर्वश्रेष्ठ मानदंड की तरह मस्तिष्क भी उम्र के साथ बदलता रहता है। बहुत से लोग देखते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ वे और अधिक भुलक्कड़ हो जाते हैं। किसी शब्द के बारे में चर्चा में या किसी व्यक्ति का नाम याद करने में अधिक समय लग सकता है। वे कोई निर्णय नहीं कर सकते या किसी जाने-पहचाने रास्ते को भूल जाते हैं लेकिन अगर यही लक्षण 35-40 की उम्र में भी समान लक्षण वाले दिखाई देते हैं तो यह कोई सामान नहीं है।
इस प्रकार के लक्षण यह हो सकते हैं कि कुछ सेज एसोसिएटेड या क्लासिबिलिटी नोटिस कर लें, रोगी खुद कर ले, या न भी करें, जैसे कि डॉयलेक डॉयलाग के सिद्धांतों पर बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है, लेकिन आगे यह गंभीर हो सकता है। अगर आप 40 साल या उसके आस-पास की उम्र में भी ये लक्सा दिखाई दे रहे हैं तो आप एम साइंस का मतलब है कि मेरा पहला कॉग्निशन नाममात्र का इमोटिकॉन बीमारी की बीमारी में हो सकता है।
एमसीआई (MCI) देखने में सामान गायब है लेकिन यह आपके अंदर कुछ समय में अल्जीमर्स-डिमेंशिया या ब्रेन के गंभीर गंभीर विकारों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अगर आपके अंदर ये लक्षण आ रहे हैं तो खुद के बारे में बताना शुरू कर दें और स्थिति खराब होने से पहले डॉक्टर के पास जाएं।
ये हैं ब्रेन की इस बीमारी के लक्षण
. आप बार-बार खाना भूल जाते हैं।
. आपके अपार्टमेंट या सोशल प्रोग्राम में जाने से फ़ेल हो जाते हैं।
. आप अपने विचार की शक्ति खो देते हैं। या आप किसी भी किताब या फिल्म के प्लॉट को फॉलो न करें
. आपको कही गई बात तो फॉलो करने में परेशानी होती है।
. आपको निर्णय लेना है, कोई भी कार्य पूरा करना या चुनना का पालन करना आवश्यक है।
. आपको उन स्थानों पर निकासी में परेशानी हो रही है जिसमें अच्छी तरह से आप जानते हैं।
. आप बुरा निर्णय ले रहे हैं.
. आपके परिवार और दोस्तों में से कोई भी बदलाव नज़र आता है।
. इसके अलावा अवसाद, एन साइकोटिक, तनाव, गुसासा और किसी भी चीज में रुचि न हो जैसे कि स्ट्रैटेजिक से भी सीखा जा सकता है तो आप एमसीआई हो सकते हैं।
ये हैं ये आंकड़े, तो एमसीआई की संभावना
. अन्य
. आदर्शमोकिंग की आदत
. हाई बीपी या हाई कॉले डायवर्जन
. इंसाना, अवसाद या एन.ओ.सी.ओ.सी.आई.टी
. आस्तियाम या सामाजिक विषमता में हिसासा न लेना
एम इब्न ने माना इस बीमारी में है योगाभ्यास
एमडीएम के न्यू कंप्यूटरोलॉजी विभाग का मानना है कि ब्रेन की कई समस्याओं में योग काफी फायदेमंद है। जहाँ एम सी आई में योग निद्रा बेहद प्रभावशाली है, वहीं एम सी आई में योग निद्रा के कई अवतरण संभव हो सकते हैं।
एम नामकरण में हो रही है स्टार्सडी, करा सकते हैं नॉमिनेशन
एम एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर रीमा दादा के अनुसार एम साइंस और अल्जीमर्स जैसे रोगों में पिछले कई अध्ययनों में योग काफी उपयोगी साबित हुआ है। इस अल बार्ज़ाइमर्स डिमेंशिया में योग के दर्शन, सूक्ष्म माँ अस्तायम, डीपी ब्रीडिंग, नाड़ी शोधन प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, पांच आसन और अभ्यास पर अभ्यास-मातृत्व की जा रही है। एमसीआई या मेमोरियल लीडरशिप होल्डर वाले 45 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति इसके लिए नामांकन करा सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 12 सितंबर, 2023, 21:00 IST
