
कनाडा को रूस ने बुलाया खरी खरी
कनाडा पर रूस: कनाडा के प्रधानमंत्री की संसद में भारत के खिलाफ अनर्गल बयान के बाद से ही घिरते जा रहे हैं। उनका जजमेंट ही उन पर भारी पड़ रहा है। कनाडा की संसद में जिस तरह एक पूर्व नाजी सिपाही को सम्मानित किया गया, उसके बाद ट्रूडो को अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। अब रूस ने भी कनाडा को जोरदार झटका दिया है। इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कनाडा को जमकर लताड़ लगाई थी। जयशंकर ने कहा कि कनाडा के पनाहगाह का भुगतान किया गया है। वहीं दूसरी ओर रूस ने भी कहा है कि कनाडा नाजियों की जन्नत बन गया है।
रूस से भी मांगा जवाब
कनाडा के रिपब्लिक ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष एंथोनी रोटा ने 98 साल के यारोस्लाव हंका को ‘वॉर हीरो’ करार दिया। बाद में माइक्रोसॉफ्ट में माफ़ी मांग ली थी, लेकिन रूस अब कनाडा के इस कदम से नाराज़ हो गया है। ओटावा में रूस के राजदूत ओलेआग स्टेपानोव ने कहा कि कनाडा को इसके लिए सफाई देनी होगी। ओलेग स्टेपानोव ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी सेना इकाई के लिए लड़ने वाले सैनिकों को सम्मान देने के लिए ट्रूडो की आलोचना की। साथ ही कनाडा के विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय से जवाब मांगा है।
‘जानबूझकर कनाडा ने किया ऐसा’, रूस और भारत ने किया झटका
शुक्रवार को कनाडा के मार्शल ने युद्ध के दौरान नाजियों के लिए लड़ाई वाले जनरल यारोस्लाव हंका को एक नहीं बल्कि दो बार की बधाई दी थी। रूसी राजदूत ने स्पुतनिक से बातचीत में कहा, ‘दूतावास आधिकारिक कदमगा। हम निश्चित रूप से कनाडा की सरकार से साहिर मांगेंगे।’ स्टेपानोव ने कहा कि कनाडा ‘नाजी म्यूजिक का घर’ बन गया है। जो कुछ हुआ वह पूरी तरह से गलत तरीके से किया गया था। वहीं, भारत में रूस के राजदूत डेनिस अल खिपोव ने लिखा, ‘कनाडा न केवल जापानी नाजियों के लिए हमेशा एक सुरक्षित स्वर्ग है। बेस्ट एक नाजी वेटरन का ऐसा जय-जयकार करना सब कुछ बताता है। इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कनाडा को ‘आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह’ कहा था।
