उत्तर
स्पर्मीसाइड के नाम से ही समझ आ सकता है कि गर्भनिरोध के ये उपाय स्पर्म को मार देते हैं।
टेस्टोरोन इंजेक्शन पिट्यूटरी हार्मोन की रिलीज होने वाली है।
पुरुष जन्म नियंत्रण विकल्प: आमतौर पर बर्थ कंट्रोल का मतलब लोग या तो कंडोम को मतलब होते हैं या महिलाओं के गर्भनिरोधक की जरूरत को। गर्भनिरोधक के कई लक्षण सामने आ रहे हैं लेकिन अब इसका इस्तेमाल कम हो रहा है लेकिन ज्यादातर लोगों को यह जानकारी नहीं है कि पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक के लिए जरूरी विकल्प नहीं है। गर्भनिरोधक के साइड इफेक्ट के कारण वैज्ञानिक पुरुष गर्भनिरोध के कई तरीकों पर काम कर रहे हैं। दूसरी ओर पुरुषों में गर्भनिरोध की दवा लेना भी बहुत जरूरी है क्योंकि महिलाओं के ऊपर कई जिम्मेदारियां होती हैं और गर्भनिरोध की गोली या इंजेक्शन के साइड इफेक्ट का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। तो आइए जानते हैं कि पुरुष गर्भनिरोध के प्रकार कैसे लगाए जाते हैं।
पुरुष गर्भनिरोध के उपाय
1.कंडोम-वेब मैनेजमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक निश्चित रूप से पूरी दुनिया में पुरुष कॉन्डो गर्भनिरोध का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला उपाय है। कंडोम से गर्भनिरोध की संभावना 98 प्रतिशत तक रहती है। दूसरी ओर इसी तरह के यौन यौन रोग एसटीडी और फंगल संक्रमण का खतरा भी बहुत कम होता है। हालाँकि अगर कंडोम की गुणवत्ता ख़राब होगी तो गर्भ निरोध में भी मुश्किल हो सकती है।
2. स्पर्मीसाइड-नाम से ही समझा जा सकता है कि गर्भ निरोध के ये उपाय शुक्राणु को मार देते हैं। स्पर्मीसाइड का मतलब ही होता है स्पर्म को मार देना. स्पर्मीसाइड नॉन-ऑक्सीनॉल-9 कंपाउंड होता है, जो स्पर्म का मार देता है, जिससे किलीन नहीं होता है। स्पीर्मिसाइड कई सैद्धांतिक में उपलब्ध हैं। यह फोन, जेली, टैबलेट, क्रीम, सपोजेट्री और डिसॉल्व फिल्म के रूप में बाजार में उपलब्ध है। वैसे तो यह हमारे देश में कम इस्तेमाल किया जाता है लेकिन पश्चिमी देशों में इसका उपयोग किया जाता है।
3. स्पर्मीसाइड कंडोम-यह पुराने मॉडल की तरह ही होता है लेकिन यह नॉन-ऑक्सीनॉल -19 कंपनी से जुड़ा हुआ रहता है। यह एक तरह से ल्यूब्रिकेंट का भी काम करता है। बर्थ कंट्रोल का यह सबसे अच्छा पद है। हालाँकि इससे यूटीआई इंफेक्शन का कुछ खतरा रहता है।
4. वेस्कोटॉमी या मासिक धर्म-वेस्कोटोमी पुरुष गर्भनिरोध का सबसे अच्छा तरीका है। इसमें ऑर्गेनाइजेशन स्पर्म पास वाली नली को काट कर होने वाला बंधन देता है। बेबी नहीं छोटे वाले पुरुषों के लिए यह सबसे बेहतर विकल्प है। यह बहुत सस्ता भी है और महिला बंध्याकरण से भी ज्यादा अच्छा काम करता है। वेस्कोटॉमी के तीन महीने बाद सीमेन स्पर्म मुफ़्त हो जाता है।
5. मेल बर्थ कंट्रोल पिल-मेल बर्थ कंट्रोलर पिलो के शोधकर्ता कहते हैं कि कौन सी महिलाएं पुरुषों की तरह पुरुषों को भी ले सकती हैं। पुरुषों में शुक्राणु का निर्माण बंद हो जाता है। हालाँकि इस गोली को अभी तक दवा अनुमोदित से मंजूरी नहीं मिली है।
6. टेस्टोरोन इंजेक्शन-यह ऐसा इंजेक्शन है जो पिट्यूटरी हार्मोन की रिलीज से शुरू हो रहा है। पिटरी हार्मोन ही स्पर्म के उत्पादन के लिए जिम्मेदार होता है। इसमें वीकली या मेंथली इंजेक्शन लिया जाता है। इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं. इसमें इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, कील-मुंहासे, वेट गन, गर्भपात लिपिड और कुछ मनोवैज्ञानिक असर भी होता है। हालाँकि वैज्ञानिक इन सादृश्य प्रभाव को ख़त्म करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
7.हार्मोल कंट्रासेप्टिव जेल-इस जेल का नाम NES/T है. इस जेल को रोज़ाना खाल पर ले जाना होता है जिससे शुक्राणु बंद हो जाता है। इसमें नेस्ट्रोन और टेस्टोस्टेरोन मिला रहता है। यह प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन की तरह काम करता है जिससे स्पर्म का उत्पादन रुक जाता है। इस जेल का इंजेक्शन भी आता है जिसमें इसी तरह का मिश्रण होता है।
8. बर्थ कंट्रोल वैक्सीन-स्पर्म में आईपिन नाम का एक प्रोटीन होता है। वैक्सीन इस प्रोटीन का खत्म हो चुका है। हालांकि इस वैक्सीन में कुछ पुरुषों को बूस्टर डोज लेना जरूरी है।
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पहले प्रकाशित : 26 सितंबर, 2023, 18:25 IST
