उत्तर
आदर्श प्रतिरक्षा वाले लोगों को फ्लू का टीका लगाया जाना चाहिए, ताकि वेडर चांग सिकनेस से बचा जा सके।
वैयक्तिकृत मौसम में बैचलर से बचने के लिए उपभोक्ता और दैनिक उपभोक्ता अत्यंत आवश्यक है।
मौसम परिवर्तन आपको कैसे बीमार बनाता है: सितंबर का महीना ख़त्म हो चुका है और मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है। अगले कुछ सप्ताह में मौसम तेजी से बदलेगा और पूरे उत्तर भारत में लचीलेपन का आरंभ हो जाएगा। मौसम की मार से लोगों को गर्मी से राहत तो मिल रही है, लेकिन उनकी सेहत के लिए कई तरह के खतरे पैदा हो जाएंगे। जब-जब मौसम बदलता है, तब उसका असर हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली पर पड़ता है और मौसम में बदलाव आता है, कुछ समय के लिए सप्ताह भर के लिए सभी लोगों की प्रतिरक्षा में बदलाव हो जाता है। ऐसे में जिन लोगों की इम्युनिटी पहले से खराब है, उन्हें सबसे बड़े अनुपात का सामना करना पड़ता है। आज डॉक्टर से मिलेंगे कि लोगों को आने वाले कुछ दिनों के लिए कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि वे सबसे पहले की जांच में न जाएं और न ही किसी के साथ जुड़े रहें।
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिवहेल्थ एंड वेलनेस विभाग के निदेशक डॉ. सोनिया रावत के अनुसार उत्तर भारत में अगले कुछ सप्ताह में मौसम तेजी से बदलेगा। इस दौरान टेंपरेचर और मैमोरिटी सिस्टम में बदलाव होंगे, जिससे हमारा इमामत सप्ताह हो जाएगा। इस सीज़न में वायरस, आटे का ख़ज़ाना बढ़ेगा और बड़ी संख्या में लोग थूक-जुकाम, खांसी, गले में खराश, बुखार, आटे के छिलके की चोटी में आ सकते हैं। ब्रोंकाइटिस, मोटापा और अन्य रेस्पिरेटरी डिजीज से पीड़ित लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। तापमान में बदलाव से लोगों के शरीर का ऊर्जा स्तर भी कम हो जाता है, जिससे उन्हें कमजोरी महसूस होती है। इसे वेडर चंगल बीमारी कहा जाता है। यह सीज़न उन लोगों को सबसे अधिक प्रभावित करता है, जो इम्युनिटी रेटिंग प्रदान करता है। ऐसे लोगों को अकेले मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि फ्लू के खतरे से बचा जा सके।
बेस्ट से बचेंगे ये 5 आसान तरीके
– डॉक्टर की सलाह तो निजी तौर पर मौसम में फ़्राईड इम्यूनिटी और चुनौती से भरे लोगों को फ़्लू वैक्सीन ज़रूर लगवानी चाहिए। साल में एक बार फ्लू वैक्सीन लगवाई जा सकती है और इस बैचलरशिप में पर्याप्त छूट हो सकती है। सांसरिक प्रयोगशाला से रोगी फ्लू वैक्सीन जरूर लें।
– ठंडे समुद्र में बाढ़ से बचने के लिए लोगों को ठंडा या बर्फ का पानी नहीं देना चाहिए। इसके बजाय नाममात्र या प्रभाव गुणगुणा पानी पी सकते हैं। इससे उनके गले में खराश नहीं होती और शरीर को कई फायदे मिलते हैं। गले में परेशानी होने पर आप गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे कर सकते हैं।
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– वेदर चांग सिकनेस से बचने के लिए समय पर सोना-जागना और फिजियोलॉजी सक्रिय होना बेहद जरूरी है। अगर आप लाइफस्टाइल में सकारात्मक बदलाव कर रहे हैं, तो आपका इमीएटी सिस्टम बेहतर दीर्घकालिक और फ्लू जैसे- ठंड-जुकाम, खांसी, बुखार और गले में खराश जैसी समस्या नहीं होगी।
– इस सीज़न में आप चुनौती से बचने के लिए फल और काफी हद तक सक्षम हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्वों को आपके पास रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा मौसमी मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी की स्थिरता भी अत्यंत आवश्यक है। इससे आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और ऊर्जावान बने रहेंगे।
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– जिन लोगों की प्रतिरक्षा सप्ताह है, वे स्थानीय मौसम में डॉक्टर की सलाह लेकर विटामिन सी और विटामिन डी वास्तु भी ले सकते हैं। इससे उनके शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सीगा, जिससे आयात प्रणाली को जगह मिलती है। विटामिन डी से भी मिल सकते हैं कई बड़े फायदे.
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पहले प्रकाशित : 27 सितंबर, 2023, 11:16 IST
