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कोरबा में निर्माण का खतरा! सिद्धांत से जानें लक्षण और बचाव के उपाय


अनूप/कोरबाः औद्योगिक जिले कोरबा में लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि अब तक 26 मामले आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम की बैठक के लिए पदों की घोषणा की। इसमें विशेष अभियान की कार्य योजना तय की गई। लोगों से अपील की गई है कि अपने आसपास कहीं भी पानी का जमाव न होने दें।

मलेरिया और विकास के मामले हर साल बारिश के मौसम में सामने आते हैं। मच्छरों के खेत वाली यह बीमारी कई मामलों में लोगों की मौत का कारण बन जाती है। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले कोरबा में मलेरियल वेल पर ही नियंत्रण है लेकिन लगातार गिरावट जारी है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम के साथ मिलकर बैठक की। इसमें कई बिंदुओं पर विचार करने के साथ आवश्यक निर्णय दिए गए हैं।

26 अप्रैल 2019 को प्रतिमाह की संख्या हुई
सीएम दिव्यांग डॉक्टर एसएन केसरी ने बताया कि जिले में अब तक 26 मामले आये हैं. इनमें से छह मामले एससीओ सीएल क्षेत्र से संबंधित हैं। इसलिए हर तरफ सफाई पर विशेष जोर देने को कहा गया है। सीएम ने बताया कि इस प्रकार की बीमारी का मुख्य कारण पानी का जमना है। इस बात की जरूरत है कि लोग हर जगह साफ-सफाई रखें जिससे कि मच्छरों का चमत्कार न हो सके।

मूल्यांकन के लक्षण
रेटिंग के लक्षण हलके और गंभीर दोनों हो सकते हैं। विरोधाभास होने के बाद लेबल के लक्षण लक्षण चार से सात दिनों के भीतर दिखाई देते हैं। सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी, जी मिचलाना, आंखों में दर्द होना, त्वचा पर लाल चकत्ते होना। फ़्रैंचाइज़ का मामला गंभीर पर बुखार का खतरा बढ़ गया है और शरीर में प्लेलेट टेलेको काउंटी कम शामिल हैं। ऐसे में ये लक्षण सामने आ सकते हैं
तेज पेट दर्द
लगातार उल्टी होना
मसूदों या नाक से प्रस्थान
मूत्र, मल या उल्टी में खून आना
त्वचा के नीचे का हिस्सा होना, जो चोट के निशान के रूप में देखा जा सकता है
साँस लेना में होटल
थकान महसूस होना
चिड़चिड़ापन या कमज़ोरी

ऐसे करें बचाव
घर में जलाशय आदि स्थान पर पानी जमा न होना। सप्ताह में कम से कम दो बार इसे घटाया गया।
पीने का पानी किसी भी बर्तन में जमा हो जाता है तो उस पानी को हमेशा के लिए ढककर रख लें।
फुल बाजू के खिलौने और सामान और बुजुर्गों को ठेठ पर कपड़े।
मच्छरदानी का या मच्छरदानी का उपयोग करें।
घर की खिड़कियाँ और दरवाजे खुले न रहें। उद्यमों के लिए वे बनाये गये स्थान हैं।
किसी भी तरह के लक्षण दिखाएं तो विशेषज्ञ को बताएं, खुद किसी की सलाह से दवा न लें।

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