राँची. रांची के रातु ललितग्राम निवासी सोयामना पांडे फर्जी केस में पिछले 19 दिनों से जेल में बंद हैं। नवीन कुमार मिश्रा के अपवित्र मामले में रातू पुलिस द्वारा भेजा गया मामला, जिसका खुलासा खुद रातू पुलिस ने किया है। नवीन कुमार मिश्रा को रातू पुलिस ने ही नेपाल से पकड़ा था, पूछताछ के बाद हुआ ये खुलासा. जांच में ये बातें भी समाने आईं कि अपहृत नवीन कुमार मिश्रा इंटरनेट कॉल के जरिए अपने एलोकेल से बातचीत की थी। नवीन पर करोड़ रुपये का कर्ज भी था, जिस कारण से वह खुद से लापता होने की साजिश रची थी। इसके साथ ही, नवीन कुमार मिश्रा का सोमनाथ पांडे से लेन डेन का विवाद भी था, जिसकी वजह से ही नवीन और उनके परिवार के सदस्यों ने सोमनाथ पांडे को फंसाने की साजिश रची।
दस्तावेज है कि 31 अगस्त की देर शाम रात स्थित ललित ग्राम निवासी नवीन कुमार मिश्रा लापता हो गया था। घटना के बाद से ही परिवार के लोग लगातार पुलिस से संपर्क कर रहे थे और सोनम पांडे के बेगुनाह की फैक्ट्री में लगे हुए थे। इसके बावजूद 8 सितंबर को सोमन को जेल भेज दिया गया। मामले की जानकारी में दिए गए सोमनाथ के उदाहरण में बताया गया है कि फर्जी झूठ के पीछे आलोक पाठक, विशाल पाठक के साथ-साथ बलराम पाठक नामक व्यक्ति का भी हाथ है। फ्रेंडशिप की साजिश रची गई और सोमनाथ पैंडेंड को फ़र्ज़ी केस में जेल में डाल दिया गया।
वहीं, इस मामले में पूरे केरला के ग्रामीण स्पाइडर मंकी के खिलाफ पुलिस जांच कर रही है और जांच के बाद जो भी लोग दोषी होंगे, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पुलिस सोयाम पांडे को भी रिहा करने के लिए कोर्ट से अग्रही स्थान पर ले जाया जाए।
पूरे मामले में पुलिस की वैश्वीकरण सामने आया है, क्योंकि पूरी जांच पुलिस के एक व्यक्ति ने की थी, उस बात के लिए जेल डिप्टी का काम किया गया था, जो भी नहीं किया गया था। ऐसे में अब अब्दुल्ला नजरें इस पर टिकी हैं कि पुलिस कब उनसे छुट्टी के लिए आग्रह करती है और कोर्ट इस मामले में क्या टिप्पणी करती है।
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पहले प्रकाशित : 28 सितंबर, 2023, 10:06 IST
