रजत भट्ट/गोरखपुर :गोरखपुर में जायके का स्वाद हर दिन बढ़ता जा रहा है। शहर में खाने की चीजें और रेसिपी खूब बढ़ रही हैं। हर रेस्तरां और रेस्टोरेंट पर एक ही चीज की कई वैरायटी और नई-नई चीजें-पीने की चीजें तैयार हो रही हैं। लोगो में भी इसकी शानदार आस्तिकता है इसलिए शहर में शाम होती ही है, लोगों की भीड़ रेस्तरां और चौक चौराहे पर लगने वाले स्टॉल पर लग रही है। लेकिन शहर में अब मैगी खाने वालों को एक पद पर नियुक्ति मिल गई है। शहर के नाव विहार में 25 वैरायटी की मैगी तैयार की जा रही है।
अब तक शहर में मोमो और फास्ट फूड की कई वैरायटी मौजूद थीं। लेकिन अब शहर में मैगीपॉइंट की शुरुआत हो चुकी है और यहां 25 से ज्यादा वैरायटी में मैगी तैयार की जा रही है। मैगी की दुकान वाले सूरज डिपो वाले हैं कि, लगभग यह उनका खानदानी काम है और बेंगलुरु बेंगलुरु जैसी जगह पर भी उनकी दुकान चलती है। गोरखपुर में पिछले 4 साल से वह मैगी बेच रहे हैं और यहां करीब 25 से ज्यादा वैरायटी मैगी की वह तैयारी कर रहे हैं। महीने में एक बार ही सूरज 1 लाख का मैगी मंगा लेते हैं और पूरे महीने यही बेचते हैं।
मिट्टी के प्लेट में दिए गए हैं मैगी
गोरखपुर के नाव विहार में सूरज 2017 से मैगी बेच रहे हैं। सूरज के यहां 25 से ज्यादा वैरायटी मैगी मौजूद है और इसे बनाने के लिए इस स्पेशल मसाले का इस्तेमाल किया जाता है. इनके पास मिनिमम मैगी की शुरुआत 50 रुपये से होती है और 100 से 150 रुपये तक मैगी यहां दी जाती है। महीने में लगभग तीन से चार लाख की मैगी बिकती हैं। यहां मैगी खाने के फायदे ये हैं, मैगी बनाने की बात यहां ग्राहकों को सिर्फ मिट्टी के प्लेट में ही मैगी दी जाती है. जो युज एंड थ्रो होता है सूरज यह दुकान सुबह 8 बजे से खुला देते हैं और रात 11 बजे तक यहां ग्राहक आते हैं।
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पहले प्रकाशित : 28 सितंबर, 2023, 11:04 IST
