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नवीनतम तूर कालिस्टानी कलाकार हरदीप सिंह निज्जर के करीबी सहयोगी
18 जून को 18 जून को 18 जून को सेरे फ्रेंड्स के रिकॉर्ड में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी
ट्रूडो के भारत पर आरोप लगाने से दोनों देशों के बीच पैदा हुआ तनाव
रपट-मनोज गुप्ता
ओटावा. खालिस्तानी (खालिस्तानी) हमलावर हरदीप सिंह निज्जर (हरदीप सिंह निज्जर) की हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच राजनायिक हमलावर में तनातनी आ गई है। ना पिज्जार की हत्या को लेकर कनाडा ने भारत पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच नाकेबंदी की गई थी. इस तनातनी के बीच दोस्त न फ़िज़्ज़र का दाहिना हाथ माना जाने वाला पुराना तूर (गुरमीत तूर) को लेकर नया खुलासा हुआ है। ताइवान, कनाडाई पुलीस ने टूर को चेतावनी दी थी कि उसकी जान को खतरा हो सकता है।
कनाडा के प्रवक्ता ने न्यूज18 को बताया कि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसी एमपी) ने खालिस्तानी हमलावरों को मार गिराया है हरदीप सिंह निज्जर उनके करीबी सहयोगियों ने चेतावनी दी है कि उनकी जान को खतरा हो सकता है। निज्जर के दाहिने हाथ देर रात अगस्त में सारे आरसी एमपी और इंटीग्रेटेड नेशनल एनफोर्समेंट टीम (इनसेट) द्वारा चेतावनी दी गई थी।
संयुक्त खुफिया टीम द्वारा तैयार किए गए “ड्यूटी टू वॉर्न” दस्तावेज़ में, टूर को बताया गया है कि इस निष्कर्ष पर निष्कर्ष निकाला गया है कि उनकी जान खतरे में है, हालांकि किसी भी तरह की कोई सुरक्षा सुरक्षा प्रदान नहीं की गई है। दस्तावेज़ में कहा गया है कि इस समय खतरे को लेकर खास बातें दावे में समाप्त हो गई हैं।
शैक्षणिक संस्थान के मित्र हरदीप सिंह निज्जर के करीबी सहयोगी हैं। न फ़िज़्ज़र की गत 18 जून को गुरु नानक सिख गुरुद्वारे (सरे गुरु नानक सिख गुरुद्वारा) की बमबारी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नकीपरजजर ने राष्ट्रपति के रूप में भी जे स्वामीजी की अध्यक्षता में काम किया। वहीं, तूर खुद सारे गुरु नानक सिख गुरु के वयोवृद्ध सदस्य हैं।
जून में निज्जर की हत्या में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ‘संभावित’ कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोप के बाद भारत और कनाडा के बीच गंभीर तनाव पैदा हो गया। भारत ने आरोप लगाया कि ‘बेटुका’ और ‘आकर्षण’ करने वाला करार दिया गया खारिज कर दिया गया है और इस मामले में ओटावा में एक भारतीय अधिकारी द्वारा निष्कासित किए जाने के बदले में एक वरिष्ठ कनाडाई राष्ट्रपति को भी बर्खास्त कर दिया गया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि नई दिल्ली के नेता ओटावा को बताते हैं कि यह भारत सरकार की नीति नहीं है और वह इस मामले में ‘विशिष्ट’ और ‘प्रासंगिक’ जानकारी देखने के लिए तैयार हैं।
एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान कनाडा के लोगों से कहा कि सबसे पहले, यह भारत सरकार की नीति नहीं है। दूसरी, कैनेडियन (कैनेडियन) लोगों ने कहा कि देखो, अगर आपके पास कुछ खास है, अगर आपके पास कुछ खास सुविधा है, तो हमें बताएं। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएन जनरल असेंबली) के सत्र को संबोधित करने के बाद मंगलवार को न्यूयॉर्क (न्यूयॉर्क) में विदेश संबंध परिषद में बातचीत में कहा, ‘हम इस पर विचार करने के लिए तैयार हैं।’
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टैग: कनाडा, कनाडा समाचार, जस्टिन ट्रूडो, खालिस्तानी, खालिस्तानी आतंकवादी
पहले प्रकाशित : 29 सितंबर, 2023, 11:25 IST
