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विश्व हृदय दिवस: कम उम्र में बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा, अपने डॉक्टर के बताए 5 टिप्स, कभी नहीं होगा दिल का मरीज


उत्तर

दिल को अच्छी लाइफस्टाइल के लिए अपनाए रखना चाहिए।
हार्ट अटैक के खतरे से बचने के लिए प्रिवेंटिव चेकअप जरूरी है।

हृदय को स्वस्थ कैसे रखें: आज के मूल में हार्ट डिजीज का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। हर उम्र के लोग तेजी से हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट और अन्य दिल से जुड़े खिलाड़ियों का शिकार हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार, विश्व में हर साल हार्ट डिजीज की वजह से करीब 1.79 करोड़ लोगों की मौत हो जाती है। पूरी दुनिया में हार्ट डिजीज का सबसे बड़ा खतरा बन गया है। दिल से जुड़ी शर्त के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे (विश्व हृदय दिवस) मनाया जाता है। भारत में भी दिल की सेहत एक गंभीर विषय है। पिछले कुछ सार्जेंट में एसोसिएटेड सेलिब्रिटीज में डाइटरी हार्ट अटैक और कार्डियक लोग शामिल हैं, जिनकी वजह से मौत का शिकार हो गए हैं। आज विश्व हृदय दिवस पर डॉक्टरों से जानेंगे कि हृदय रोग का खतरा किन कारणों से बढ़ रहा है और इससे किस तरह से छुटकारा पाया जा सकता है।

ग्रेटर के फोर्टिस हॉस्पिटल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. विवेकाधिकार के अनुसार भारत में हार्ट डिजीज से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा लक्षण एक है। पिछले कुछ वर्षों में हार्ट अटैक के मामलों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। विभिन्न अध्ययनों को भी इसमें दर्ज किया गया है। दावा किया गया है कि 40 से कम उम्र के 25% भारतीयों को दिल का दौरा या दिल से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा अधिक होता है। 40 से 50 वर्ष की आयु वाले लोगों के लिए यह जोखिम 50% तक बढ़ जाता है। अगर हम कार्ड सक्रिय हैं, नाटकीय आहार लेते हैं, धूम्रपान और शराब छोड़ते हैं और तनाव को नियंत्रित करने के तरीके अपनाते हैं तो अचानक हार्ट अटैक या आराम से बचा जा सकता है। युवाओं में हार्ट अटैक के बढ़ने का एक प्रमुख कारण लंबे समय तक काम करना, कम नींद और कुपोषण से जुड़ी समस्याएं हैं। यही तनाव और हृदय रोग का कारण बनते हैं। अगर किसी का हृदय रोग से जुड़ा हुआ फैमिली कलेक्शन है, तो उसे कार्डियोलॉजिस्ट से सामूहिक जांच करवानी चाहिए।

हार्ट डिपार्टमेंट स्टोर के लिए अपनाएं 5 टिप्स

– स्वस्थ दिल के लिए घटक लें। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और नमक की मात्रा मात्रा होनी चाहिए। अधिक मात्रा में नमक वाला खाना खून की रिकवरी करता है, जो आगे चलकर दिल की बीमारी पैदा करता है।

– बॉडी मास्क के अनुसार शरीर के वजन का हिसाब रखना भी जरूरी है। किसी भी प्रकार की क्लाइंट खोज करने से दिल से जुड़ी चुनौती को कम करने में मदद मिल सकती है।

– अगर कोई व्यक्ति धूम्रपान या अधिक शराब पीने की आदत रखता है तो उसे तुरंत छोड़ देना चाहिए। इनके सेवन से दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।

– दिल की बीमारी अक्सर तनाव के कारण भी होती है, इसलिए जीवन के प्रति एक अच्छी सोच रखनी चाहिए। अगर आप तनावमुक्त जीवन जीएंगे, तो हार्ट स्केल रहेंगे और चैलेंज का खतरा कम हो जाएगा।

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प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप भी बेहद जरूरी है

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. समीर भारती के अनुसार दिल की शांति से बचने के लिए सभी को प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है, ये बेहद जरूरी है। इससे आप आने वाले खतरे के प्रति पहले से सावधान रह सकते हैं और सही समय पर निर्णय लेकर बड़े नुकसान से बच सकते हैं। 20 साल की उम्र में युवाओं को ब्लड प्रेशर, रक्तचाप और ब्लड शुगर की जांच जरूर करानी चाहिए। अगर इन टेस्ट में कुछ कमी नजर आती है तो आगे दूसरा टेस्ट कराएं। प्रोफ़ॉलिक फ़ैमिली में हार्ट अटैक की कहानी है, उन्हें डॉक्टर से बात करके एडवांस्ड टेस्ट करना चाहिए। सम्मिलित रूप से, उच्च रक्त आपूर्ति की शिकायत है, उन्हें अत्यधिक निर्वासन की आवश्यकता है। इसके अलावा यदि आपको फिरने, दर्द आदि में सांस लेने में परेशानी महसूस होती है, या छाती, बाएं हाथ में दर्द महसूस होता है, तो ये बेकार हो जाता है और आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। इसे नजरअंदाज करना बहुत भारी पड़ सकता है।

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कम नींद लेना भी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है

फोर्टिस हॉस्पिटल के फैसेलिटी डायरेक्टर प्रमीत मिश्रा का कहना है कि इस रेस पार्ट ग्रेटर की जिंदगी का असर हमारी नींद पर पड़ रहा है। इसकी वज़ह से हमारी स्वास्थ्य सेवा चल रही है। जो लोग प्रतिदिन 7-8 घंटे अच्छी नींद लेते हैं, उन्हें हृदय रोग के अलावा भारी वजन और उच्च रक्त की मात्रा सहित कई परीक्षणों को नियंत्रित करना आसान होता है। ऐसे में जरूरी है कि सभी लोगों को पर्याप्त मात्रा में नींद लें। केवल नींद के घंटे ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी स्वास्थ्य पर काफी असर डालती है।

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