
पाकिस्तान के लिए ‘भस्मासुर’ बने टीटीपी साथी
पाकिस्तान कीखबरें: पाकिस्तान द्वारा तैयार की गई तहरीक ए तालिबान के लिए पाकिस्तान अब वही ‘भस्मासुर’ साबित हो रहा है। टीटीपी ने दावा किया है कि पिछले सितंबर महीने में आतंकवादियों और सैनिकों पर कुल 106 हमले हुए हैं। इस दौरान 123 सिक्योरिटी स्टाफ को इन साउंड में मार दिया गया। वहीं इन दावों में 169 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं।
इस प्रांत में हुए सबसे बड़े हमले
टीटीपी द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार वह इस दौरान सबसे बड़े हमले विलायत बॅबबॉल प्रांत में हुए। जबकि पेशावर में 24 कांड, दक्षिण पंजाब प्रांत में दो हमले, विलायत मलयालम में 11 हमले आदि शामिल हैं। टीटीपी के अनुसार इस दौरान सेना के 185, पुलिस के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के 43, खुफिया एजेंसी के 18 और अन्य सुरक्षा शैक्षणिक संस्थानों के 46 को घायल करने या मारने का दावा किया गया।
हमलावर संगठन का दावा है कि सितंबर महीने में सबसे ज्यादा स्नाइपर हमलों की संख्या 20 थी। साथ ही उसने इस दौरान विदेशी सुरक्षा बलों के 11 जासूसों सहित 13 जासूसों को भी नष्ट कर दिया। हमलावर संगठन का यह भी दावा है कि उसने इस दौरान कई सुरक्षा बलों से कई घातक हथियार भी लूटे, जिनमें रॉकेट, गोला और बारूद आदि शामिल थे। टीटीपी ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उनके मुताबिक पाकिस्तान सेना और सुरक्षा बलों पर रोजाना 3 से ज्यादा हमले हो रहे हैं, जिनमें चार से ज्यादा लोग मारे जा रहे हैं।
टीटीपी के 24 वैज्ञानिकों को मृत घाट पर उतारा गया: पाक सुरक्षाबल
सितंबर महीने में पूर्वी पाकिस्तान सुरक्षा सेना द्वारा जो चित्र जारी किया गया था, उसका कहना है कि पूरे माह में कुल 24 जवानों को मौत के घाट उतार दिया गया। इनमें से सबसे बड़ा नरसंहार बानू जिले में मारा गया। उनकी संख्या 6 थी। उसके बाद ख़ैबर इलाक़े में मारे गए अनुपात की संख्या पाँच थी। फौजी का यह भी दावा है कि इस दौरान आतंकियों से 34 राइफलें और 18 पिस्तौलें समेत 9 बंदूकें आदि भी बरामद की गईं।
