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युवाओं में बढ़ रहा है ‘हार्ट अटैक’ का खतरा, ये है कारण और समाधान, हृदय रोग विशेषज्ञ से जानें सारी बातें


पवन सिंह कुँवर/हल्द्वानी। भारत में दिल के मरीज तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इस बीमारी की चपेट में 25 से 30 साल उम्र वाले युवा भी आ रहे हैं. ताजा मामलों में हर पांच में से एक मरीज की उम्र 30 साल से कम है। आज से कुछ साल पहले 40 साल के मरीज को दिल का दौरा बहुत ही दुर्लभ माना जाता था, लेकिन अब इसमें कोई बात नहीं जान पाई है।

इसकी संख्या दिन प्रतिदिन जनसंख्या ही जा रही है। जिसके कई कारण हैं. युवाओं का गलत जीवन शैली, अस्वस्थता, अत्यधिक तनाव, धूम्रपान, पॉल्यूशन, रक्तचाप, रक्तचाप की समस्या और मोटापे से दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है।




दिल की बीमारी से युवा प्रभावित
उत्तराखंड के एविएशन बोर्ड में स्थित जगदम्बा हार्ट केयर मैटरनिटी सेंटर के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश पंत ने युवाओं में बढ़ती इस नई खतरे की वजह बताई। उन्होंने कहा कि स्पाइस सेकेट में हृदय रोग वृद्धावस्था का रोग रोग विशेषज्ञ था, लेकिन आज भागदौड़ वाले जीवन में 25 से 30 साल के लोग भी हृदय रोग से ग्रस्त हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण मानसिक तनाव और रेटेड भिन्नता है, जिसके साथ व्यक्ति उच्च रक्तचाप और उच्च रक्तचाप और उच्च रक्तचाप की चपेट में रहता है, जो कि आगे चलकर हृदय रोग का मुख्य कारण बनता है।

शिक्षाशास्त्र से परामर्श आवश्यक
भारत में इस समय लगभग 10 करोड़ से अधिक हृदय की संख्या है। विश्व में दो करोड़ से अधिक लोग हृदय रोग से अपनी जान गवां रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के सर्टिफिकेट वाले आंकड़े बताते हैं कि भारत की जनसंख्या की 30 से 40 प्रतिशत आबादी उच्च रक्तचाप, शुगर, अल्कोहल, मोटापे से ग्रस्त हैं, जिससे लोग दिल की पढ़ाई के शौकीनों से पीड़ित हैं। डॉ. पंत ने बताया कि उच्च रक्तचाप, शुगर और सीने के दर्द को सांस में न लें और कुशल हृदय रोग विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही उपचार करें, ताकि आने वाली परेशानी से बचा जा सके। साथ ही अपनी लाइफस्टाइल और स्वाद पर विशेष ध्यान दें। सामान जरूर बनाएं, सामान और लें विशेष रूप से बाहर का खाना खरीदें।

हार्ट अटैक से लेकर डेथ ग्राफ़ तक लगातार बढ़ता जा रहा है
इसी साल फरवरी में 18 साल के एक लड़के की अचानक दिल के दौरे से मौत हो गई, जब वह मैदान में देव सिंह को ले जा रहा था। 21 मई को गुड़गांव से आए एक युवा पर्यटक की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। जून में भी दो परमाणु बमों में दिल का दौरा से मृत्यु हो गई थी। 9 सितम्बर को एक महिला टूरिस्ट की हार्टअटैक से मृत्यु हो गई। लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें युवाओं की मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया जा रहा है।

टैग: हलद्वानी समाचार, स्थानीय18, उत्तराखंड समाचार



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