
कनाडा से करीबी दिखावा अमेरिका!
अमेरिका-कनाडा-भारत: कनाडा और भारत के बीच लोकतंत्र विवाद जारी है। कनाडा के जस्टिन मेट ट्रूडो ने कनाडा की संसद में बिना किसी विरोध के भारत सरकार पर मेटलर निज्जर की हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद वे कटघरे में हैं। भारत ने कनाडा के केम को उनकी गैर जिम्मेदाराना बयान पर करारा जवाब दिया है। इसी बीच कनाडा से शोक प्रकट करते हुए अमेरिका ने भारत से कहा है कि वह कनाडा के साथ निज्जर हत्याकांड की जांच में सहयोग करे। हालाँकि शुरुआत में अमेरिका ने ट्रूडो के बयान को दोषी मानते हुए कहा था कि जांच पूरी होने तक आरोप सही नहीं था। अब कनाडा से विशेष तौर पर दिखाया गया भारत से जांच में सहयोग देने की बात अमेरिका कर रही है।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन के प्रशासन ने भारत सरकार से खालिस्तानी कट्टरपंथी हरदीप सिंह निज्जर की मौत की जांच के लिए कनाडा में सहयोग का आग्रह किया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा ब्रिटिश कोलंबिया में जून में हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय महासचिव के ‘संभावित’ आरोप के बाद भारत और कनाडा के बीच विलय में तनाव आ गया है।
भारत ने इन आरोपों को ‘बेटुका’ और ‘बेबुनियाद’ को बर्खास्त कर दिया। साथ ही इस मामले में एक भारतीय अधिकारी को ओटावा की कार्रवाई के बदले बर्खास्त कर दिया गया।
ब्लिंकन ने जयशंकर की इस संपत्ति को उठाया था
कनाडा में निज्जर की हत्या का मामला अमेरिका के विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकन ने पिछले सप्ताह विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने सोमवार को अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक मित्र पत्रकार के प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘उसे तब भी स्पष्ट किया गया था और अब मैं दोहरा रहा हूं कि हम इस मामले पर कनाडा में अपने सहयोगियों के साथ हैं।’ ‘एकजुटता कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हमने कनाडा में भारत सरकार से बातचीत में कई माइक्रोस्कोपिस्टों से जांच में सहयोग करने का आग्रह किया है। (अमेरिका के) विदेश मंत्री को शुक्रवार को अपने भारतीय समकक्ष के साथ बैठक में ऐसा करने का मौका मिला।’
मित्र पत्रकार ने पूछा उकसाने वाला प्रश्न
इस सवाल पर कि भारत कनाडा के साथ सहयोग करने पर सहमति हो गई है, इस पर मिलर ने कहा कि इसका जवाब नई दिल्ली को देना है। उन्होंने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि भारत सरकार इस पर अपनी बात रखे।’ मैं अमेरिका सरकार की ओर से बात करूंगा और हम सहयोग का आग्रह करते हैं।’ जयशंकर ने पिछले सप्ताह यहां कहा था कि भारत और कनाडा के एक-दूसरे से बात करनी होगी और देखना होगा कि वे इस मुद्दे पर अपनी प्राथमिकताओं को कैसे सुलझाते हैं। जयशंकर ने कहा, ‘मुद्दा यह है कि कनाडाई लोगों ने कुछ आरोप लगाए हैं।’ हमने उन्हें बताया है कि यह भारत सरकार की नीति नहीं है, लेकिन अगर वे हमारे साथ विशिष्ट और कुछ भी उपयोगी सूचना साझा करने के लिए तैयार हैं, तो हम भी इस पर गौर करने के लिए तैयार हैं।’
